बिलासपुर- कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी पी एल पुनिया की जगह नए प्रभारी आने वाले है प्रदेश की राजनीति में उथल पुथल का असर क्या पुनिया ओर पडने वाला है। चर्चा इस बात की है कि पीसीसी की बैठक में जो कुछ हुआ उसके लिए पुनिया ही जिम्मेदार है ,पुनिया सत्ता और संगठन में समन्वय नही बैठा पा रहे है 70 विधायक वाली बहुमत वाली सबसे मजबूत भूपेश। सरकार के प्रति राज्य हर वर्ग में अच्छा माहौल लेकिन पुनिया इसको भी कैश नही कर पा रहे है संगठन को मजबूत दिशा नही दे पा रहे है।प्रभारी मंत्रियो की मनमानी को ठीक नही कर पा रहे है। जिनके कारण असंतोष हो रहा है।संगठन का काम सरकार का मदद करने का है भ्रम फैलाने का नही।पार्टी में अनुसाशनहिंता बढ़ी है इसको भी पुनिया ठीक नही कर पा रहे है। पीसीसी चीफ मोहन मरकाम भी कन्हि न कन्हि बेहद कमजोर और ढुलमुल अध्यक्ष के रूप दिख रहे है।कायदे से तो संगठन और सरकार के खिलाफ बोलकर छवि बिगाड़ने वाले को किक आऊट कर देना चाहिए।क्या पुनिया और और पीसीसी चीफ क्या पार्टी का माहौल और खराब होने का इंतजार कर रहे है।एक मछली पूरे तालाब को गंदा कर रही है।सूत्रों के मुताबिक पुनिया की विदाई पर नए प्रभारी के लिए पुराने नेता भी सक्रिय हो गए है।कोई मुकुल को बनाना चाहता है तो कोई अविनाश पांडे को एक नाम और बीके हरि ने छत्तीसगढ़ से तौबा कर ली है ।एक नाम और है जिसके बनने के चांस सबसे ज्यादा है।अब पूनिया जी को पता करना है कौन उनका राजपाट खसकाने में लगा है।

