प्रशिक्षण के लिए रिश्वत मांगने वाले श्रम निरीक्षक को तीन साल की सजा शासन ने किया बर्खास्त, भ्रष्टाचार के खिलाफ साय सरकार का कड़ा रुख।

बिलासपुर श्रमायुक्त संगठन के अंतर्गत श्रम निरीक्षक के पद पर पदस्थ  सुरेश कुर्रे के द्वारा जिला जशपुर में पदस्थीकरण के दौरान  रमेश कुमार यादव की संस्था छत्तीसगढ़, अभिनंदन एजुकेशनल एंड वेलफेयर सोसायटी, कोतबा द्वारा 320 लोगो का मेशन जनरल एवं असिस्टेंट इलेक्ट्रीशियन कोर्स का प्रतिशक्षण कार्य कराये जाने पर प्रशिक्षण शुल्क के एवज में रिश्वत की मांग करने के संबंध में प्राथी श्री रमेश कुमार यादव के द्वारा दिनांक 26.09.2019 को एंटी करप्शन ब्यूरों कार्यालय बिलासपुर में लिखित शिकायत पत्र प्रस्तुत करने एवं अभियुक्त  सुरेश कुर्रे, श्रम निरीक्षक के विरूद्ध अपराध सबूत पाये जाने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 एवं संशोधित अधिनियम 2018 के अंतर्गत अपराध कमांक – 25/2019 पंजीबद्ध किया गया था।

उक्त प्रकरण में  विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) जशपुर (छ०ग०) द्वारा अपराधिक प्रकरण क्रमांक 25/2019 के संबंध में एन्टी करप्शन ब्यूरो द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 एवं संशोधन अधिनियम 2018 के विशेष प्रकरण क्रमांक 01/2021 में माननीय विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) जशपुर (छ०ग०) द्वारा पारित निर्णय दिनांक 26.11.2025 के अंतर्गत दोषसिद्ध कर 03 वर्ष के कठोर कारावास एवं 50,000/- रूपये अर्थदंड से दंडित किया गया है।

 विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) जशपुर (छ०ग०) द्वारा पारित निर्णय दिनांक 26.11.2025 श्रमायुक्त के संज्ञान पर आने पर कार्यालय श्रमायुक्त छत्तीसगढ़, नवा रायपुर के आदेश  द्वारा  सुरेश कुर्रे, श्रम निरीक्षक, कार्यालय श्रम पदाधिकारी जिला – कोण्डागांव (सेवा समाप्ति के समय पदस्थापना स्थल) को तत्काल प्रभाव से उनकी सेवा समाप्ति का आदेश जारी किया गया।

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