बिलासपुर- ग्राम मंडपिया जिला भीलवाड़ा राजस्थान के रहने वाले मुकेश खटीक जोकि सब इंस्पेक्टर के पद पर बीएसपी भिलाई में केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के तहत कार्यरत हैं उन्होंने अपने अधिवक्ता अब्दुल वहाब खान के माध्यम से हाईकोर्ट में इस आशय की याचिका पेश की थी कि वे वर्तमान में बीएसपी भिलाई में सब इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं इसके पूर्व देवास एवं नीमच मध्य प्रदेश में पदस्थ थे उन्हें विभागीय अधिकारियों के द्वारा अत्यधिक परेशान किया जाता रहा है उनके घरेलू पति पत्नी के विवाद में भी उसे बेवजह सजा दी गई है बार-बार ट्रांसफर करना जानबूझकर इंदौर में स्थानांतरण नाका ना कर बीएसपी भिलाई ट्रांसफर कर देना उसके पिता के कैंसर से पीड़ित होने के बाद भी उसे पिता के इलाज व देखरेख के लिए अवकाश ना देना साथ ही उसे साप्ताहिक अवकाश का नियमित रूप से लाभ नहीं देना छुट्टी के दिनों में भी अतिरिक्त ड्यूटी लेना और उसका किसी भी प्रकार से भुगतान ना करना ना ही उसके एवज में अवकाश लाभ देना यहां तक की सब इंस्पेक्टर के पद पर रहने के बाद भी उससे कांस्टेबल के पद के कार्यों को करवाया जाना साथ ही बार-बार सजाएं देना आदि कारणों से याची अपने पदीय दायित्वों का निर्वहन स्वतंत्रता पूर्वक नहीं कर पा रहा है जिस से त्रस्त होकर उसने माननीय छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के समक्ष उक्त याचिका पेश की थी जिस पर प्रारंभिक सुनवाई करते हुए छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के एकल पीठ के जैन माननीय पीपी साहू ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के महानिदेशक एवं केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल मध्य क्षेत्र मुख्यालय भिलाई के महा निरीक्षक को निर्देशित किया है की वे याचिकाकर्ता के द्वारा उसके विभिन्न प्रकार के समस्याओं से संबंधित सुरेश अभ्यावेदन प्रस्तुत किए जाने पर उसका नियमानुसार शीघ्र निराकरण करें साथ ही साथ याचिकाकर्ता को समस्त आवश्यक अवकाश एवं अन्य लाभों का नियमानुसार भुगतान सुनिश्चित करने कार्यवाही करने निर्देश जारी किया है।।

