बिलासपुर-जिले के मुद्दाविहीन नेता 75 साल बाद आज भी इमरजेंसी के नाम पर सहानुभूति चाहते है और कांग्रेस को कोस रहे है केंद्र में इनकी सरकार है बड़े बड़े वायदे किये जा रहे है इतिहास बनने की बात होती है तो फिर बीजेपी को इमरजेंसी का नाम लेकर।कांग्रेस पर ठीकरा फोड़ने की क्या जरूरत है ,मोदी सरकार का गुणगान छोड़कर कर गड़े मुर्दे उखाड़ने का क्या मतलब? मोदी सरकार अच्छा काम कर रही है अच्छा अच्छा बोलो और फिर बोलना ही था तो किसी समझदार नेता को प्रेस कॉन्फ्रेंस लेने भेजते जिसके पास अपने विषय की ही ठीक ठीक जानकारी होती । ऐसे विधायक और पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार बांधी को क्यो मीडिया को फेस करने भेज दिया प्रदेश का पार्टी नेतृत्व भी गलत सलत निर्णय करके प्रयोग करते रहता है , वैसे ही बीजेपी 15 सीट पर है भूपेश सरकार के खिलाफ बोल नही पा रहे है ,और अपने मामले में भी सही सही जानकारी नही दे पा रहे है ,विधायक बांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस का सार यही है जो टूटी फूटी भाषा पत्रकारों को बताया वो यही है की इमरजेंसी के समय कांग्रेस ने भाजपा के नेता और समर्थकों के साथ जात्ति की, कांग्रेस महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में इमरजेंसी जैसा काम कर रही है भूपेश सरकार ने धरना प्रदर्शन पर रोक लगा दिया है और जो नियम शर्तो का पालन नही करेगा उसके खिलाफ सरकार कार्यवाई करेगी , ये भूपेश सरकार का तानाशाही रवैया है , बीजेपी क्या डर के मारे धरना प्रदर्शन नही कर रही के सवाल के जवाब में बांधी मौन हो गए यानी सरकार का खौफ साफ है, बांधी मीसा बंदियो के दोचार नाम के बाद आगे नही बात पाए ,नही मोदी सरकार की कितनी योजना चल रही यही बता पाए, ,विधायक रजनीश सिंह भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल थे लेकिन सीनियर नेता को माइक थमा कर चुप हो गए ।बीजेपी कार्यलय की प्रेस वार्ता में जिला अध्यक्ष रामदेव कुमावत ,आलेख वर्मा उपस्थित थे।

