बिलासपुर, बिलासपुर नगर निगम के इंजीनियर, आयुक्त नेता को पता है कि डिवाइडर में लगे ग्रील की चोरी हो जाती है , ग्रिल लगाने से लेकर इसके चोरी होते तक निगम के इंजिनियरो को फायदा है , क्यों कमीशन सब तरह से आता है , पहले ही गलत ग्रिल बता कर निकला गया जो निगम के पीच कबाड़ में पड़ा है धीरे धीरे निगम के कर्मियों की सह पर वो चोरी हो जायेगा फिर कोई जवाब नहीं देगा, सड़क पर लगी लोहे की ग्रिल पहले ही चोरी हो गई , तोड़ो बनाओ लगाओ जनता का पैसा कैसे खाना है ये बिलासपुर नगर को अच्छे से आता है कभी दीवाल में करोड़ों का पेंटिंग बना कर जनता का पैसा डकार जाते है कभी ग्रिल लगा कर बाद में चोरो के के माध्यम से डकार जाते है , निगम के अधिकारियों को पता है लोहे का ग्रिल डिवाइडर से चोरी हो जायेगा फिर को लगाना , क्योंकि पहले ग्रिल बनाने में कमाओ फिर चोरी होने पर बताओ फिर खराब बता कर कबाड़ में डाल कर कमाओ कोई , निगम का कोई मा बाप नहीं है एक ही काम को बार बार करके जनता के पैसे खाने तरीका है , दर असल अधिकारी खुद जनता के पैसे बरबाद करते है ठेकदार जिस स्कीम सबसे ज्यादा पैसा खाने का तरीका बताएगा योजना बन जाएगी , जनता के पैसे से महंगी गाड़ी, बंगला और विदेश की सैर करने वाले ठेकदारों और अधिकारियों की संपत्ति कुर्क होनी चाहिए, पीएम मोदी ने कहा है खाएंगे न खाने देंगें लेकिन बिलासपुर नगर निगम के अधिकारी इसके ठीक उलटा चल रहे है खाएंगे और ठेकदारों को भी खिलाएंगे, सरकार से तनख्वाह के भरोसे चलने वाले निगम में अधिकारी स्व वित्तपोषी नहीं बनाना चाहते, ऐसा नहीं है निगम के अधिकारी पैसा खूब कमाते है लेकिन सरकार को नहीं देते निगम के खर्च और यंहा से निकले अधिकारी ठेकदारों की संपत्ति की सीबीआई जांच होनी चाहिए। निगम की अरबो रुपए की जमीन पर अवैध कब्जा है जिसक किराया प्राइवेट लोग खा रहे नेता खा रहे है और निगम भूखड़ है निगम का स्टेब्लिशमेंट करोड़ो का इसको समाप्त करने की जरूरत है , सफाई हो नहीं रही है ठेकदारो को पेमेंट हो रहा है। अगर निगम के कार्यों की सीबीआई जांच किया जाएगा तो अरबों रूपये का घोटाला सामने आएगा।
