बिलासपुर -सोमवार को कोटा सलका गांव के आदिवासी कलेक्टर के पास फरियाद लेकर पहुंचे थे कि गांव के सरपंच ने बहिष्कार कर दिया है , गांव में राशन पानी देने पर प्रतिबंध लगा दिया है जिसके चलते उनको राशन नही मिल रहा है ,सरपंच समाज मे वापस मिलाने के लिए पचास हजार की मांग कर रहा है ,विधवा आदिवासी महिला ने मामले की शिकायत कोटा थाने में भी की लेकिन कोटा थानेदार ने मामले में कोई कार्यवाई नही की तो महिला ने कलेक्टर से शिकायत की कलेक्टर साराँश मित्तर ने मामले देखने के लिए कोटा एसडीएम भारद्वाज को भेजा और अनाज की भी व्यवस्था करने के निर्देश दिए जिसके बाद कोटा एसडीएम ने तहसीलदार पटवारी के साथ गांव का दौरा किया सरपंच और गांव वालों को समझाइश दी और पीढित आदिवासी महिला के लिए राशन की व्यवस्था की। ,पीड़ित परिवार ने राहत मिलने के बाद जिला प्रशासन का धन्यवाद किया है ,क्योंकि इस मामले में जिला प्रशासन ने भी त्वरित कार्यवाई की ,बल्कि पुलिस मुह ताकते रही ,कोटा के निष्क्रिय टी आई ने कोई कार्यवाई नही की और इस लापरवाही के खिलाफ एसपी ने भी टी आई के खिलाफ कोई कार्यवाई नही की इससे पुलिस की छवि खराब हुई है। अभी जिल्रे में सीएम का दौरा होने वाला है और पुलिसिंग ऐसे ही चलते रही तो सीएम तक शिकायत पहुंचेगी।

