बिलासपुर- एनटीपीसी सीपत धीरे धीरे कोयला आधारित बिजली उत्पादन कम कर रहा है अब तक बायोमास से चार लाख यूनिट से ज्यादा की बिजली एनटीपीसी ने उत्त्पादन किया है इससे प्रदूषण कम करने में भी बड़ी सफलता मिली है । co2 का उत्सर्जन 387.2 काम हुआ 2980 मेगावाट की क्षमता वाले सीपत एनटीपीसी सुपर क्रिटिकल ताप विधुत ग्रह में एक एक 660 यूनिट के जनरेटर के लिए जनरेटर लाया जा रहा है ,रसिया में युद्ध के चलते नया जनरेटर नही लाया जा सका है ,बाढ़ से वैकल्पिक व्यवस्था के साथ ये यूनिट भी काम करना शुरू कर देंगी,एनटीपीसी के जीएम ने सालाना प्रेस वार्ता में बताया कि एनटीपीसी ने पर्यावरण के लिए 11 लाख पौधों का रोपण का काम शुरू किया है इस वित्तीय वर्ष में 21 हजार पौधे लगाने बचे है । सामाजिक दायित्व के तहत किसानों को प्रशिक्षण के साथ चार लगाने की विधि और चार काटने की मशीन भी पांच सौ किसानों को दी गई है। पैरा जलाने से होने वाले प्रदुषण को भी रोकने एनटीपीसी ने काम शुरूकिया हैं कोयले के साथ पैरे का उपयोग शुरू किया है इससे किसानों को भी फायदा हो रहा है पैरा जलाने पर भी रोक लगी है , विस्थापितो को नौकरी देने प्रबंधन का कहना है कि कमेटी के रिकमंड के बाद 660 में से 440 लोगो को नौकरी दो गई बाकी मामले लोगो द्वारा दस्तावेज पेश नही करने के कारण अटक है आदिवासियों को नौकरी देने की जानकारी एनटीपीसी नही दे पाए, एनटीपीसी ने जिला प्रशासन को सामाजिक दायित्व के तहत 3 करोड़ से ज्यादा की मदद की है , सबसे अच्छी बात पशुधन को बचाने के लिए एनटीपीसी ने गांवों को गोपाल की नियुक्ति की है ये मोबाइल गोपाल जंहा गांय संकट होती है तत्काल उसको बचाने पहुंच जाती है ,हाइड्रोलीक और न्यूक्लियर तरीके से बिजली पैदा करने काम मे में एनटीपीसी काम कर रहा है हालांकि अभी इससे पैदा होने वाली बिजली का प्रतिशत कम है लेकिन शुरुवात अच्छी है कोयले पर निर्भरता धीरे धीरे एनटीपीसी समाप्त कर रहा है इससे आने वाले समय मे कोयले का प्रदूषण भी कम होगा। आने वाले समय मे सीपत एनटीपीसी देश की सबसे बड़ी विधुत उत्पादन कंपनी के रूप सामने आएगी आने वाली है सालाना प्रेस वार्ता में जीएम प्रजापति सहित सभी अधिकारी जनसंपर्क अधिकारी नेहा भी उपस्थित रहे।
