बिलासपुर- ग्राम- हरदी , ब्लॉक – डोंगरगांव , जिला – राजनांदगांव , निवासी दाताराम वर्मा , डोंगरगढ़ , जिला – राजनांदगांव में हेड मास्टर के पद पर पदस्थ थे , सेवाकाल के दौरान दाताराम वर्मा की मृत्यु हो जाने पर उनके पुत्र योगेन्द्र वर्मा द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी राजनांदगांव के समक्ष अनुकम्पा नियुक्ति का आवेदन प्रस्तुत किया गया । डी.ई.ओ. राजनांदगांव द्वारा इस आधार पर की योगेन्द्र वर्मा के बड़े भाई जुगल कुमार वर्मा ब्लॉक – डोंगरगढ़ में सहायक शिक्षक ( पंचायत ) के पद पर पदस्थ है इस आधार पर योगेन्द्र वर्मा का अनुकम्पा नियुक्ति का आवेदन खारिज कर दिया गया । उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा इस आधार पर कि याचिकाकर्ता योगेन्द्र वर्मा अपनी मां के साथ पृथक रहता है एवं वे दोनों अपने जीवन यापन के लिये पूर्ण रूप से पिता स्व . दाताराम वर्मा पर आश्रित थे एवं बड़ा भाई जुगल वर्मा शादी – शुदा है एवं अपनी पत्नी एवं बच्चों के साथ पृथक रहता है एवं परिवार को किसी प्रकार की आर्थिक सहायता नहीं करता है । इस तथ्य की जांच के पश्चात् तथ्य सही पाये जाने पर योगेन्द्र वर्मा को सहायक ग्रेड -3 के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति दिये जाने का आदेश दिया गया । उच्च न्यायालय , बिलासपुर द्वारा पारित आदेश का समयसीमा 90 ( नब्बे ) दिवस में पालन ना किये जाने से क्षुब्ध होकर योगेन्द्र वर्मा द्वारा हाईकोर्ट अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं दीपिका सन्नाट के माध्यम से हाईकोर्ट बिलासपुर के समक्ष अवमानना याचिका दायर की गई । अधिवक्ता अभिषेक पाण्डेय एवं दीपिका सन्नाट द्वारा हाईकोर्ट के समक्ष यह तर्क प्रस्तुत किया गया कि निर्धारित समयसीमा में मामले की जांच कर योगेन्द्र वर्मा को अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान नहीं की गई है । हाईकोर्ट बिलासपुर द्वारा उक्त मामले को गंभीरता से लेते हुए और नाराजगी जाहिर करते हुए सचिव , स्कूल शिक्षा विभाग आलोक शुक्ला एवं डी.ई.ओ. राजनांदगांव एच . आर . सोम को अवमानना नोटिस जारी कर तत्काल जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है ।

