अंबिकापुर सहकारी बैंक घोटाला,,28 करोड़ के बैंक घोटाले की अब ED करेगी जांच,सरकारने ईडी को मामला सौंपा।

बिलासपुर,छत्तीसगढ़ शासन के आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी मंत्री  रामविचार नेताम ने भ्रष्टाचार के विरुद्ध अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति और किसानों के प्रति अपनी अटूट संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक साहसिक मिसाल पेश की है। सरगुजा संभाग के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, अंबिकापुर की शंकरगढ़ और कुसमी शाखाओं में हुए लगभग 28 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले को मंत्री  ने न केवल उजागर किया, बल्कि इसके दोषियों को ढूंढ निकालने का संकल्प पूर्ण किया है।

अपने क्षेत्र के किसानों की मेहनत की कमाई पर डाका डालने वालों के खिलाफ मंत्री रामविचार नेताम जी ने एक योद्धा की भांति मोर्चा संभाला। जब उन्हें ज्ञात हुआ कि बैंक कर्मचारियों ने मनरेगा और जनपद पंचायत के नाम पर फर्जी खाते खोलकर बलरामपुर जिले के भोले-भाले किसानों के साथ धोखाधड़ी की है, तो उन्होंने तत्काल संज्ञान लिया। मंत्री  की कड़ी हिदायत पर तत्कालीन कलेक्टर एवं एस.पी. बलरामपुर-रामानुजगंज को दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

भ्रष्टाचारियों पर कड़ा प्रहार: अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) के शिकंजे में बैंक प्रबंधन

मंत्री  नेताम  की दूरगामी रणनीति और दृढ़ संकल्प का ही परिणाम है कि आज जिला सहकारी बैंक मर्यादित, अंबिकापुर, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के घेरे में खड़ा है। मंत्री  ने किसानों की पीड़ा को अपनी पीड़ा समझा और छत्तीसगढ़ के यशस्वी मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने का आश्वासन प्राप्त किया। मंत्री की इस सफल पहल के बाद अब ED ने बैंक को पत्र जारी कर विस्तृत जानकारी तलब की है, जिससे बड़े चेहरे बेनकाब होना तय है।

घोटाले पर अब तक की कार्रवाई

जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि बैंक कर्मियों ने आदिम जाति सहकारी समिति, जमड़ी के नाम पर फर्जी खाता खोलकर करीब 19 करोड़ रुपये की हेराफेरी की। साथ ही, मनरेगा और जनपद के बोगस खातों के माध्यम से RTGS कर राशि निजी संस्थाओं को ट्रांसफर की गई। इस जालसाजी में अब तक बैंक के कुल 10 कर्मचारियों पर FIR  दर्ज कर उन्हें कानून के कटघरे में खड़ा किया जा चुका है।

क्षेत्र में हर्ष की लहर

मंत्री  रामविचार नेताम के इस ‘‘भ्रष्टाचार विरोधी अभियान’’ और किसानों के प्रति उनके इस सेवा भाव की पूरे प्रदेश में प्रशंसा हो रही है। 

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