बिलासपुर- आरएसएस चुनाव के पहले सक्रिय हो गई है। कोरोणाकल में और महंगाई पर सामाजिक समरसता नही देख पाने वाला संघ अपने हिडन एजेण्डे पर ज्यादा काम करता है। आम आदमी के मुद्दे पर संघ ज्यादातर मौनव्रत धारण किये किये रहता है। संघ के प्रमुख मोहन भागवत अब चुनाव के पहले छत्तीसगढ़ दौरे में है।संघ के अपने एजेंडे होते है। जिसमें उनको इससे मतलब नही होता कि काम कौन करेगा केवल काम से मतलब रहता है।कोरोना काल मे बीजेपी और संघ के कार्यकर्ता और बीजेपी के नेता मदद के लिए निकले न ही फोन तक उठाया 15 साल सत्ता सुख भोगने वाले संघी भजपाई मंन्त्री अभी भी आम लोगो का फोन नही उठाते। मोहन भागवत का संघ छत्तीसगढ़ में दक्ष नही है । केंद्र सरकार की योजना का प्रचार नही करते जबकि खुद मोहन भागवत केंद्र सरकार का प्रचार कर रहे है कि कश्मीर में धारा 370 हटाने से क्या फायदा हुआ। लेकिन 15 साल मंत्री रहे बीजेपी के नेताओं में थोड़ा सा भी पार्टी के प्रति न जनता के प्रति समर्पण दिख रहा है।दरअसल संघ कॉरपोरेट होते जा रहा है इसके चलते विकृति पैदा हो गई। मोहन भागवत चुनाव पहले भाजपा की जमीन तलाशने आ रहे है अच्छा होगा महंगाई के बारे में दो शब्द बोल दे तो अच्छा रहेगा जनता त्राहि कर रही है थोड़ा गरीबो पर भागवत कृपा हो जाती तो अच्छा रहता।

