बिलासपुर- भारतीय किसान संघ जिला बिलासपुर के जिले अध्यक्ष धीरेन्द्र दुबे ने उत्तरप्रदेश के लखीमपुर खीरी में संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वावधान हो रही आंदोलन में किसानों के दुर्भाग्यपूर्ण मौत पर दुख व्यक्त किया है साथ निष्पक्ष जांच की मांगकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग की है,इस पूरे घटनाक्रम में जिस तरह से किसानों के नाम पर राजनीति किया जा रहा वह भी दुर्भाग्यपूर्ण है , जिस तरह से छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसानों के नाम पर प्रदेश छोड़कर एयरपोर्ट पर ही धरने पर बैठकर तथा मृतक किसानों को 50लाख रुपये देने की घोषणा कर किसानों के प्रति जो संवेदनशील होने का परिचय प्रदेश के बाहर दिखाया वो तारीफे काबिल है , यही संवेदनशीलता छत्तीसगढ़ के किसानों के प्रति क्यो नही दिखता ,जिस प्रदेश के किसानों ने उनकी सरकार बनाई ,जिस प्रदेश के किसान के गाढ़ी कमाई से प्रदेश की पूरी व्यवस्था चलती है उनके प्रति संवेदनहीनता का भाव क्यो ? मुख्यमंत्री जी आपका दोहरा मापदंड इस प्रदेश के किसानों के लिए क्यों ? फरवरी माह में चले विधानसभा सत्र में कृषि मंत्रीजी से सवाल पूछा गया था जिसमे प्रदेश में किसानों के असामयिक मृत्यु ,या आत्महत्या से मृत्यु या प्रशासनिक आतंकवाद के बलि चढ़े किसानों की मृत्यु का आंकड़ा पूछा गया था ,जिसमे कृषिमंत्री जी का जवाब आया था 141 किसान मात्र 10 महीने में मृत्यु होने बताया गया था जो शासकीय आंकड़ा है ,जिसे लेकर विधानसभा में विपक्षी पार्टी बहिर्गमन भी किया और विधानसभा की कार्यवाही भी बाधित हुई क्योकि जो आंकड़ा सरकार के तरफ से दिया गया था वो गलत था , विषय ये नही की आंकड़ा गलत है या सही आंकड़ा है विषय ये है कि आज तक कितने किसानों के परिजनों को मुवावजा राशि मिला और मिला तो कितना मिला , भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष धीरेन्द्र दुबे ने तखतपुर विकासखंड के राजाकापा ग्राम के किसान छोटूराम कैवर्त जिनकी मृत्यु केवल प्रशासनिक आतंकवाद के कारण हुआ था ,उनके परिजन को 25 लाख रुपए और परिवार के 1 सदस्य को शासकीय सेवा में लिए जाने का मांग रखा था जिसमे आजतक प्रशासन से फूटीकौड़ी नहीं मिल पाया वही दूसरे प्रदेश के किसानों के प्रति इतनी दरियादिली ये कैसा दोहरा मापदंड ?
भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष धीरेन्द्र दुबे ने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांग की है ,छत्तीसगढ़ के असामयिक किसानों के मृत्यु पर परिजन को भी 50 लाख रुपये देने का घोषणा करें तथा पूर्व में भूपेश जी की सरकार में हुए किसानों की मृत्यु का आंकड़ा निकाल कर 50 ,50 लाख राशि तुरन्त भुगतान करें , इस विषय को लेकर भारतीय किसान संघ शीघ्र मुख्यमंत्री जी के नाम 50 लाख रुपये देने का कानून बनाने की मांग करेगा ।

