बिलासपुर -बिलासपुर एयरपोर्ट पर चलने वाली उड़ानों को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है । यहा से विभिन्न एयरलाईन कम्पनियां और अधिक उड़ाने प्रारंभ करने इच्छुक है परन्तु नाईट लैडिंग की सुविधा न होने के कारण विमानतल लगभग 12 से 14 घंटे उपयोग में आने के लिये उपयुक्त नहीं हैं । इसका नुकसान मेडिकल और टैक्सी वालों को हो रहा है । हाल ही में कोरबा जिले के एक अग्रवाल परिवा ने अपने बीमार मरीज के लिये और एम्बुलेंस बिलासपुर मंगाई परन्तु वा से मरीज हवाई अड्डे संध्याकाल हो जाने से उक्त और एम्बुलेंस उड़ने की अनुमति नहीं मिल सकी । पूरी रात विमान यही खड़े रहा मरीज को अपोलो अस्पताल बिलासपुर में भर्ती करना पड़ा । किसी तरह सुबह उक्त मरीज और एम्बुलेंस से रवाना हो पाया । किसी भी हवाई अड्डे को विकसित करने के लिये नाईट लैंडिंग उपकरण लगाये जाने आवश्यक है और इसमें बहुत अधिक लागत भी नहीं आती है । यदि बिलासपुर हवाई अड्डे पर नाईट लैंडिंग की सुविधा हो जाये तो कई एयरलाईन कंम्पनिया रात के समय बिलासपुर हवाई अड्डे पर विमान खड़ा करना चाहेंगी क्योकि यहा पार्किंग का शुल्क बड़े हवाई अड्डो के मुकाबले काफी कम होगा । हाईकोर्ट में जनहित याचिका के सुनवाई के दौरान भी छत्तीसगढ़ शासन बिलासपुर हवाई अड्डे में नाईट लैंडिंग सुविधा शीघ्र हवाई सुविधा देने के निर्देश थे , गत छः माह में इस हेतु कोई भी आवश्यक कार्यवाही नहीं की गई है । उपरोक्त परिस्थिति में आपसे अनुरोध है कि बिलासपुर बिलासाबाई केवट हवाई अड्डे को उसी वीएफआर से उसी आईएफआर श्रेणी में शीघ्र बदलने के आवश्यक निर्देश संबंधित अधिकारियों को जारी करें । भविष्य में यह हवाई अड्डा एयरबस और बोईग विमानों के उपयुक्त बन सके इस हेतु 4 सी आईएफआर एयरपोर्ट बनाने की प्रोजेक्ट रिपोर्ट और सर्वे भी तुरंत कराने के निर्देश जारी करें

