बिलासपुर- रोज हाजरी देने वाले कि गैरहाजिरी लग गई।और गायब रहने वाले कि नौकरी लग गई।नगर निगम में पैराशूट उपनेता पर रार पड़ गई है। लेकर पार्षद विजय ताम्रकार दुखी है नगरनिगम में पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने डेमेज कंट्रोल के लिये अपने विरोधी पार्षद राजेश सिंह को उपनेता बना कर डेमेज कंट्रोल किया लेकिन डेमेज कंट्रोल के करने चलते अब कंट्रोल डेमेज हो गया है निगम में प्रवक्ता बने विजय दुखी है । विजय का कहना है जो होना हो गया पार्टी का निर्णय है सब ठीक है लेकिन उनको जबान देने के बाद ऐसा नही होना था । जो होना था हो गया किसी पास जाकर क्या बोलेंगे,पार्टी का जो निर्णय है मान्य है।इधर इस मामले में नेता प्रतिपक्ष अशोक विधानी का कहना है की निर्माण सर्वसम्मति से हुआ बैठक में विजय ताम्रकार भी थे।लेकिन कोई आपत्ति नही की बल्कि किसी को आपत्ति सुनने के लिए वक्त दिन घोषणा को रोका गया लेकिन किसी ने कोई आपत्ति नही की अगर होती तो वो कहते लेकिन कोई आपत्ति नही की अगर विजय नाराज है तो उसे मना लेंगे बात करेंगे ,विजय के द्वारा इस्तीफा देने जैसी कोई बात नही है।
पूर्व में पार्षद विजय ताम्रकार को नगरनिगम में सीनियर नेता होने के कारण एयर पूर्व मंन्त्री के टीम का होने के कारण उपनेता बना कर सम्मान देने का फैसला हुआ था ।नगरनिगम आयुक्त, महापौर और सभापति को इसकी सूचना भी दी गई ।अब पार्षद विजय का सम्मान के बजाय उसका अपमान कर दिया गया, सीनियर पार्षद होने के बाद पूर्व मंत्री के खेमे के होने के बाद और स्वामी भक्ति के बाद ,और जबान देने के बाद विजय की जगह अमर अग्रवाल से मतभेद रखने वाले राजेश सिंह को बना दिया गया।इससे पार्षद विजय ताम्रकार बेहद दुखी है।इस मामले में पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल से कार्यशैली से नाराज होकर अलग हुए नेता ने कहा कि इनके दरबार मे स्वामी भक्ति का ऐसे ही फल मिलता है। क्या कहे बड़े नेता है ऐसे में ही कार्यकर्ता दूर हो जाता है।

