2021 में ओबीसी की जातिगत जनगणना  नही तो ओबीसी महासभा करेगा आंदोलन, केंद्र और राज्य को चेतावनी।

बिलासपुर- ओबीसी के साथ हो रहे अन्याय को रोकने हेतु शासन स्तर पर आयश्यक कार्यवाही के लिए प्रदेश भर में दस सूत्रीय मांगों को लेकर  ज्ञापन ओबीसी महासभा द्वारा सौंपा गया है। ओबीसी के जिला महामंत्री ओम प्रकाश ने बताया कि ओबीसी आरक्षण की मांगों को लेकर राज्यपाल, सीएम ,गृहमंत्री शिक्षा मंत्री ने के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है।छत्तीसगढ़ लोक सेवा ( अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण ) अधिनियम 1994 की धारा 17 ( 1 ) के प्रावधानों के तहत गठित स्थायी समिति में सामान्य वर्ग के जनप्रतिनिधि को शामिल किये जाने से ओबीसी महासभा छत्तीसगढ़ में आक्रोश है । अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति , की भौति एट्रोसीटी एक्ट औपीसी के लिए भी लागू किये जाने का अनुरोध है । मण्डल कमीशन की अनुशंसा को पूर्णतः लागू किये जाने हेतु छत्तीसगढ़ विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर भारत सरकार से मांग किये जाने का अनुरोध है । राष्ट्रीय जनगणना 2021 के जनगणना फार्मेंट के कालम नंबर 13 में ओबीसी के लिए कोड नबार 03 और सामान्य वर्ग के लिए कोड नंबर 04 प्रावधान किये जाने हेतु अशासकीय सकला पारित कर केन्द्र सरकार को प्रस्ताव मेंजे जाने का अनुरोध है । पांचवी अनुसूची में दिये गये प्रावधान ओबीसी के लिए भी लागू किये जाये । औद्योगिक / उद्यमिता के क्षेत्र में अनुसूचित जाति , अनुसूचित जनजाति की भाति ओबीसी के लिए अनुदान ( सब्सीडी ) का प्रावधान किया जायें । उच्च न्यायालय के समक्ष वास्तविक क्वांटिफायबल डेटा ‘ प्रस्तुत हो एवं आरक्षित वर्ग का अत्यधिक हानि होने की संभावना से बचा जा सके , इसके लिए यह आवश्यक है कि आरक्षित वर्ग के हितों की रक्षा हेतु आरक्षण की प्रतिशत निकालने के लिए आरक्षित श्रेणी के उन उम्मीदवारों की संख्या को शामिल नहीं किया जाना है और न ही उस पर विचार किया जा सकता है जो अनारक्षित रिक्तयों के विरूद चयनिता।संभवतः राज्य सरकार एवं उनके विभिन्न कार्यालयों में भारत सरकार के कार्मिक लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय ( कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ) द्वारा क्रमांक 430 दिनांक 11/04/2018 स्थापना आरक्षण दिनांक 4 अप्रैल 2018 को जारी कार्यालय ज्ञापन की जानकारी नहीं होने के कारण आरक्षित वर्ग के ऐसे अधिकारी एवं कर्मचारी जो आरक्षण के लिए बिना अनारक्षित रिक्तयों के विरुद्ध नियुक्त हुए है उनका समावेश आरक्षित वर्ग में किया जाता है जो कि अनुचित है एवं आरक्षित वर्ग को संविधान प्रदत्त अधिकारों की एवं इस विषय में जारी केन्द्र शासन के निर्देशों की अवहेलना है । छत्तीसगढ़ राज्य पिछडा आयोग को मध्यप्रदेश की भांति संवैधानिक दर्जा दिया जाए । 0. लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ के आदेश क . / 259 / स्या.आ.अं मा . / 2021-22 रायपुर दिनांक 13.07.2021 के अनुसार स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों हेतु 8126 पदों का सृजन किया गया है । उक्त पदों पर भर्ती हेतु अधिकांश जिला में शाला को इकाई मानकर विज्ञापन जारी किया गया है जिससे अधिकांश पद अनारक्षित श्रेणी में आने के कारण आरक्षित वर्गों के साथ अहित होगा । अत : जिले को इकाई मानकर समेकित विज्ञापन जारी किया जाना उचित होगा । ओबीसी महासभा द्वारा दिये गये प्रत्येक ज्ञापन में लगातार महत्वपूर्ण बिन्दु के रूप में ओबीसी की जातिगत जनगणना के मुद्दो शामिल किया गया , लेकिन आज पर्यन्त केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है । जो कि देश के सबसे बड़े समुदाय के साथ अन्याय है । ओबीसी की जातिगत जनगणना नहीं की जाती है तो भविष्य में चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा।

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