*जीपीएम में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव में दिखी विकास और सुशासन की शानदार तस्वीर, विभागीय प्रदर्शनियां बनीं आकर्षण का केंद्र*
*शासन की जनहितैषी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों से रूबरू हुए नागरिक, विभागीय प्रदर्शनियां बनीं आकर्षण का केंद्र*
*मुख्य अतिथि विधायक धर्मजीत सिंह एवं विशिष्ट अतिथियों ने किया स्टॉलों का अवलोकन, जनसंपर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी और ‘जनमन’ पत्रिका को सराहा*
*कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, पर्यटन और ग्रामीण विकास सहित विभिन्न विभागों ने प्रदर्शित की उपलब्धियां*
बिलासपुर रायपुर, 03 नवंबर 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर गुरुकुल खेल मैदान, पेंड्रारोड में आयोजित जिला स्तरीय राज्योत्सव में शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों की आकर्षक झलक देखने को मिली। राज्योत्सव परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा, जनहितैषी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा आम नागरिकों के जीवन में आ रहे सकारात्मक बदलावों को प्रदर्शित किया गया। विभागीय प्रदर्शनियां राज्य सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाने का महत्वपूर्ण माध्यम बनीं।
समारोह के मुख्य अतिथि तखतपुर विधायक धर्मजीत सिंह एवं विशिष्ट अतिथियों ने विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन, उपलब्धियों तथा आम जनता को मिल रहे लाभों की जानकारी प्राप्त की। राज्योत्सव में प्रदर्शित योजनाओं और विकास कार्यों के माध्यम से नागरिकों को शासन की विभिन्न पहलों से परिचित होने का अवसर मिला।
*जनसंपर्क विभाग की फोटो प्रदर्शनी में दिखी सुशासन और विकास की झलक*
राज्योत्सव में जनसंपर्क विभाग द्वारा लगाई गई आकर्षक फोटो प्रदर्शनी विशेष आकर्षण का केंद्र रही। मुख्य अतिथि श्री धर्मजीत सिंह एवं विशिष्ट अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर राज्य शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर उन्होंने जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका ‘जनमन’ का अवलोकन किया तथा इसकी सराहना की।
फोटो प्रदर्शनी में महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिला सशक्तिकरण, कृषक उन्नति योजना से किसानों की आर्थिक समृद्धि, प्रधानमंत्री आवास योजना से जरूरतमंद परिवारों के पक्के आवास के सपने को साकार करने तथा तेंदूपत्ता संग्रहण दर और बोनस से वनांचल के परिवारों को मिल रहे आर्थिक लाभों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया गया।
इसके साथ ही श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को धार्मिक यात्रा की सुविधा, घर-घर निर्मल जल अभियान से स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता, इन्वेस्ट छत्तीसगढ़ के माध्यम से औद्योगिक निवेश और रोजगार की संभावनाओं, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना तथा युवा कल्याण से संबंधित उपलब्धियों को भी चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। प्रदर्शनी ने प्रदेश में विकास और जनकल्याण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की व्यापक तस्वीर प्रस्तुत की।
*कृषि और उद्यानिकी विभाग ने दिखाई किसानों की समृद्धि की राह*
कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल में विभिन्न फसलों का प्रदर्शन करने के साथ ही जैविक खेती के महत्व और इसके लाभों की जानकारी दी गई। प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों, फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।
उद्यानिकी विभाग ने विभिन्न उद्यानिकी फसलों के साथ ऑयल पाम की खेती के फायदे प्रदर्शित किए। विभागीय स्टॉल में किसानों की आय बढ़ाने के लिए उद्यानिकी आधारित खेती की संभावनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया।
*महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका की उपलब्धियां रहीं आकर्षण का केंद्र*
महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल में आदर्श आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों तथा महतारी वंदन योजना की जानकारी प्रदर्शित की गई। इसके माध्यम से महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, मातृ एवं शिशु कल्याण तथा पोषण संबंधी गतिविधियों को सामने लाया गया।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के स्टॉल में स्वसहायता समूहों की महिलाओं द्वारा निर्मित हस्तशिल्प उत्पादों एवं खाद्य सामग्रियों का प्रदर्शन किया गया। स्थानीय महिलाओं के कौशल, परिश्रम और आत्मनिर्भरता की झलक इन उत्पादों में दिखाई दी। स्वसहायता समूहों की गतिविधियों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर विकसित करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित किया।
*पीएम जनमन और शैक्षणिक नवाचारों की भी मिली जानकारी*
आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के कल्याण के लिए संचालित योजनाओं और गतिविधियों को प्रदर्शित किया गया। इस प्रदर्शनी के माध्यम से जनजातीय समुदायों के सामाजिक एवं आर्थिक विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई।
स्कूल शिक्षा विभाग ने शैक्षणिक नवाचारों और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों को प्रदर्शित किया। विभागीय स्टॉल के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में संचालित गतिविधियों की झलक प्रस्तुत की गई।
*पर्यटन, स्वास्थ्य, अधोसंरचना और रोजगार से जुड़ी योजनाओं का प्रदर्शन*
राज्योत्सव में पर्यटन विभाग द्वारा भी अपनी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। इसके माध्यम से प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं तथा पर्यटन विकास से संबंधित गतिविधियों की जानकारी प्रस्तुत की गई। पर्यटन के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ की समृद्ध प्राकृतिक, सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को विकास की महत्वपूर्ण संभावनाओं के रूप में सामने लाया गया।
इसी प्रकार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, समाज कल्याण विभाग तथा श्रम विभाग ने जनहित से जुड़ी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया। उद्योग विभाग और जिला अग्रणी बैंक द्वारा औद्योगिक गतिविधियों, स्वरोजगार तथा वित्तीय सेवाओं से संबंधित जानकारी प्रस्तुत की गई।
राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वन एवं जलवायु परिवर्तन, पशुधन विकास, मछली पालन, सहकारिता तथा हाउसिंग बोर्ड द्वारा भी विभागीय गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी गई। इन स्टॉलों के माध्यम से कृषि आधारित आजीविका, पशुपालन, मत्स्य पालन, आवास तथा अन्य जनकल्याणकारी क्षेत्रों में संचालित योजनाओं की झलक देखने को मिली।
जल संसाधन, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने अधोसंरचना विकास और नागरिक सुविधाओं से संबंधित योजनाओं तथा उपलब्धियों का प्रदर्शन किया। वहीं पुलिस, परिवहन, विद्युत एवं क्रेडा विभाग ने अपनी सेवाओं, गतिविधियों और विकास कार्यों को प्रदर्शित किया।
*शासन की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बना राज्योत्सव*
जिला स्तरीय राज्योत्सव में विभागीय स्टॉलों का आयोजन केवल योजनाओं और उपलब्धियों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि शासन की जनकल्याणकारी पहलों की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम भी बना। विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों ने यह संदेश दिया कि छत्तीसगढ़ में कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, जनजातीय कल्याण, पर्यटन, रोजगार और अधोसंरचना विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ पर आयोजित इस समारोह में विभागीय प्रदर्शनियों ने प्रदेश की गौरवशाली विकास यात्रा और जनकल्याण के संकल्प को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। राज्योत्सव में एक ही परिसर में विभिन्न विभागों की योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी उपलब्ध होने से नागरिकों को शासन की गतिविधियों को व्यापक रूप से समझने का अवसर मिला। इस प्रकार जिला स्तरीय राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की समृद्ध विरासत, विकास की उपलब्धियों और उज्ज्वल भविष्य की संभावनाओं को प्रदर्शित करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन बना।