शेयर ट्रेडिंग के नाम पर डॉक्टर से ₹34.17 लाख की साइबर ठगी मामले में इंदौर से गिरोह का एक और आरोपी रईस खान गिरफ्तार।

 *आरोपी ने ठगी की रकम से खरीदी गई टाटा नेक्सॉन कार, लैपटॉप, मोबाइल और ₹1.39 लाख नकद जब्त*

*फर्जी मुनाफे का पोर्टफोलियो दिखाकर रायगढ़ के डॉक्टर से किये थे ठगी, साइबर थाना रायगढ़ की टीम ने आरोपी रायगढ़ लाकर भेजा जेल*

    *रायगढ़, 3 नवंबर* । एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क पर रायगढ़ पुलिस की लगातार कार्रवाई जारी है। शेयर ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर रायगढ़ के डॉक्टर से ₹34,17,531 की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह के एक और आरोपी रईस खान को साइबर थाना रायगढ़ की टीम ने इंदौर (मध्यप्रदेश) से गिरफ्तार किया है। आरोपी को इंदौर न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर रायगढ़ लाया गया है। पूछताछ एवं विवेचना के दौरान आरोपी द्वारा साइबर ठगी से अर्जित रकम से खरीदी गई टाटा नेक्सॉन कार, एक लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड, एक क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड तथा ₹1,39,500 नकद जब्त किया गया है। इस प्रकरण में पूर्व में भी गिरोह के अन्य 3 सदस्यों *तरुण नागर, तनीषा पाटिल और ज्योति मालवीय* पर कार्रवाई की जा चुकी है।

        जानकारी के अनुसार दिनांक 27 मई 2026 को सोनकरपारा, जूटमिल निवासी डॉ. दिलीप कुमार मिश्रा ने साइबर थाना रायगढ़ में शिकायत दर्ज कराई थी कि मार्च 2025 में मोबाइल फोन के माध्यम से उनका संपर्क सुनील नामक व्यक्ति से हुआ था। उसने शेयर ट्रेडिंग में निवेश करने पर अत्यधिक लाभ मिलने का प्रलोभन देकर स्पार्टन ट्रेड कंपनी में निवेश करने के लिए प्रेरित किया। व्हाट्सऐप के माध्यम से कंपनी का पोर्टफोलियो भेजकर उन्हें निवेश पर अच्छा मुनाफा होने का भरोसा दिलाया गया। इसके बाद अन्य व्यक्तियों ने भी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से संपर्क कर उन्हें निवेश के लिए प्रेरित किया। दिनांक 28 अप्रैल 2025 से 03 अप्रैल 2026 के बीच प्रार्थी से कुल ₹34,17,531 विभिन्न खातों में निवेश कराया गया। शुरुआत में पोर्टफोलियो में निवेश की रकम पर बढ़ता हुआ मुनाफा दिखाया जाता रहा, लेकिन जब डॉक्टर ने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया तो उन्हें रकम वापस नहीं मिली। उल्टे उनसे और अधिक निवेश करने का दबाव बनाया जाने लगा। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर साइबर थाना रायगढ़ में अपराध क्रमांक 06/2026, धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

      एसएसपी  शशि मोहन सिंह के दिशा-निर्देशन में साइबर थाना रायगढ़ की टीम ने संदिग्ध मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की बारीकी से जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में ज्योति मालवीय के नाम पर पंजीकृत मोबाइल नंबर से ठगी की कड़ियां जुड़ने की जानकारी मिली। जांच में ज्योति मालवीय के नाम पर अन्य 23 मोबाइल सिम संचालित होने की जानकारी सामने आई। रायगढ़ पुलिस की टीम ने इंदौर के पलासिया क्षेत्र स्थित एक कॉल सेंटर में दबिश देकर तनिषा पाटिल को पकड़ा। इसके बाद विजय नगर क्षेत्र से ज्योति मालवीय तथा ज्योति से मिली जानकारी के आधार पर परदेशीपुरा क्षेत्र से तरुण नागर को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर ट्रांजिट रिमांड की प्रक्रिया पूरी करने के बाद रायगढ़ लाया गया।

       पूछताछ में ज्योति मालवीय ने अपने आधार कार्ड से जारी सिम कार्ड साइबर ठगी के लिए गिरोह को उपलब्ध कराना स्वीकार किया। उसने बताया कि सिम बेचने वाले तरुण नागर के संपर्क में रहकर करीब 100 से 150 सिम कार्ड गिरोह को उपलब्ध कराए थे। वहीं तनिषा पाटिल ने भी साइबर ठगी के लिए गिरोह को सिम उपलब्ध कराया था। गिरोह का आरोपी रईस खान सिम कार्ड उपलब्ध कराने से लेकर शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को निवेश की एडवाइजरी देने का काम करता था। पूर्व में गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी और लगातार विवेचना के आधार पर साइबर पुलिस की टीम गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई थी।

         इसी क्रम में पुलिस टीम ने गिरोह के आरोपी रईस खान को इंदौर के कावेरी परिसर से पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले करीब दो वर्षों से इंदौर में रहकर शेयर मार्केट में एडवाइजरी का काम कर रहा था। मुंबई मुख्यालय वाली एक शेयर मार्केट ब्रोकिंग कंपनी में सब-ब्रोकर के रूप में कार्य करते हुए वह इंदौर में अपने साथी के साथ काम कर रहा था। ट्रेडिंग अकाउंट में पैसा लगाकर अधिक लाभ प्राप्त करने का प्रलोभन देकर लोगों को निवेश कराया जाता था। एडवाइजरी के काम में उपयोग के लिए उसे कई मोबाइल सिम कार्ड की आवश्यकता होती थी, जिसके लिए उसने तरुण नागर से करीब 100 से 150 सिम खरीदे थे। इन्हीं मोबाइल नंबरों का उपयोग लोगों से संपर्क कर डीमैट अकाउंट खुलवाने और ट्रेडिंग के नाम पर निवेश कराने में किया जाता था।

     आरोपी रईस खान ने रायगढ़ के डॉक्टर दिलीप मिश्रा को दिनांक 24 जून 2025 को चार बार फोन कर डीमैट अकाउंट खुलवाने और शेयर ट्रेडिंग में अधिक लाभ दिलाने का प्रलोभन दिया था। उसके झांसे में आकर डॉक्टर ने विभिन्न बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की थी। आरोपी ने स्वीकार किया कि इसी तरह अन्य लोगों को भी ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाकर प्राप्त रकम से उसने नवंबर 2025 में टाटा नेक्सॉन कार सहित मोबाइल और लैपटॉप खरीदे थे। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी की रकम से खरीदी गई टाटा नेक्सॉन कार, एक लैपटॉप, वनप्लस मोबाइल, रियलमी मोबाइल सहित कुल तीन मोबाइल फोन, दो एटीएम कार्ड, एक क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड तथा ₹1,39,500 नकद जब्त किया है।

        इस कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक, निरीक्षक विमल राय, आरक्षक पुष्पेन्द्र जाटवर, धर्मेन्द्र सिंह, जितेन्द्र कुर्रे, विकास प्रधान तथा महिला आरक्षक जयलक्ष्मी एवं मनीषा साहू की अहम भूमिका रही।

*गिरफ्तार आरोपी*-

रईस खान पिता जाकिर खान उम्र 31 साल सा. ग्राम मण्डावर थाना बोडा जिला राजगढ़ म.प्र. हामु, कावेरी परिसर बी-1 व्लांक मकान नं 908 थाना भवरकुआ जिला इंदौर (म.प्र)

 *जप्ती* – नकद ₹1,39,500, एक टाटा नेक्सॉन कार, एक लैपटॉप, 3 मोबाइल (वनप्लस, रियलमी, आई फोन), दो एटीएम कार्ड, एक क्रेडिट कार्ड, आधार कार्ड कुल 12 लाख रूपये की संपत्ति जप्त ।

एसएसपी  शशि मोहन सिंह में कहा लालच में न पड़े जागरूक बने

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *