प्रदेश के स्कूलों में तीस हजार से ज्यादा शिक्षकों के पद रिक्त, विधानसभा सत्र में उठा मामला।

बिलासपुर,छत्तीसगढ़ विधानसभा के हालिया मानसून सत्र में स्कूल शिक्षा विभाग से जुड़े कई ज्वलंत प्रश्न सदन में पूछे गए。 प्रमुख मामलों और सरकार द्वारा दिए गए जवाबों का विवरण इस प्रकार है:शिक्षकों के रिक्त पद: सदन में दी गई जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के प्राइमरी स्कूलों में शिक्षकों के 30 हजार से अधिक पद रिक्त हैं。TET अनिवार्यता: विधायक उत्तरी गणपत जांगड़े के सवाल पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने स्पष्ट किया कि बिना टीईटी (TET) शिक्षकों को कोई राहत नहीं दी जाएगी और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा。B.Ed कॉलेज और शिक्षा नीति: कोंडागांव विधायक लता उसेंडी और अजय चंद्राकर के सवालों पर चर्चा के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के क्रियान्वयन, एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम (ITEP), और राज्य में B.Ed कॉलेजों के भविष्य पर सरकार से जवाब मांगा गया。शिक्षकों का नियमितीकरण: सरगुजा जिले में शिक्षकों के नियमितीकरण का मुद्दा भी उठाया गया, जिसमें वर्षवार और नियमवार जानकारी सदन के पटल पर रखी गई

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