
बिलासपुर, हमारे संवाददाता ने आदिवासी समाज के पदाधिकारी से सरकार के इस पहल पर प्रतिक्रिया जानी सर्व आदिवासी समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष परते ने सरकार के इस पहल की प्रशंसा की है,नक्सलियों का पारिस्थियो को देखते हुए एक अच्छा फैसला इनके ग्रुप में शामिल निरपराध ग्रामीण आदिवासियों युवा मातृशक्ति यो के जीवन तो बचेगा दोनों तरफ से आदिवासी ही मारे जा रहे थे अभी जिस तरीके से एनकाउंटर में नक्सली के रूप में आदिवासी मारे जा रहे थे यह बहुत चिंता के विषय है सरेंडर कर देंगे तो एक नए जीवन की शुरुआत हो सकेगी उनके इन फैसले का स्वागत करना चाहिए
: पूरी जानकारी : दण्डकारण्य क्षेत्र में हुए आत्मसमर्पण अभियान के दौरान कुल 208 माओवादी कैडर, जिनमें 110 महिला और 98 पुरुष शामिल हैं , ने आत्मसमर्पण किया है। इनके पास से कुल 153 हथियार बरामद किए गए हैं।
19 एके-47 रायफलें, 17 एसएलआर रायफलें, 23 इंसास रायफलें, 1 इंसास एलएमजी, 36 .303 रायफलें, 4 कार्बाइन, 11 बीजीएल लॉन्चर, 41 बारह बोर/सिंगल शॉट बंदूकें और 1 पिस्तौल।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार आत्मसमर्पण करने वाले शीर्ष माओवादी नेताओं में शामिल हैं
रुपेश उर्फ सतीश (सेंट्रल कमेटी सदस्य),भास्कर उर्फ राजमन मण्डावी (दण्डकारण्य विशेष क्षेत्रीय समिति सदस्य),रणिता (डीकेएसजेडसी सदस्य),राजू सलाम (डीकेएसजेडसी सदस्य),धन्नू वेत्ती उर्फ सन्तू (डीकेएसजेडसी सदस्य), तथारतन इलम (क्षेत्रीय समिति सदस्य)।
बस्तर से समय सीमा में। नक्सल वाद का खत्म मोदी सरकार ने बड़ा काम किया है गृहमंत्री अमित शाह ने इच्छाशक्ति से बता दिया कि सब कुछ संभव है, एक अच्छा प्रयास कामयाब हो गया । केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने बोला और करके दिखाया 208नक्सलियों का समर्पण बड़ी बात है , हथियार के बदले उनको संविधान दिया गया लोक तंत्र से जोड़ने का निशब्द मैसेज भी राज्य सरकार ने दिया है।
