आधारशिला विद्या मंदिर सैनिक स्कूल के किंडरगार्टन में गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ ग्रेजुएशन डे:।

बिलासपुर आधारशिला विद्या मंदिर सैनिक स्कूल में किंडरगार्टन ग्रेजुएशन डे अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह एवं गरिमा के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में नन्हे विद्यार्थियों ने आत्मविश्वास के साथ मंच पर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। विद्यालय परिसर रंग-बिरंगी सजावट, मुस्कुराते चेहरों और अभिभावकों की तालियों से गूंज उठा।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. आकांक्षा दीक्षित रहीं। विशिष्ट अतिथि के रूप में श्रद्धा दुबे एवं रश्मि श्रीवास्तव उपस्थित रहीं। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसके पश्चात् विद्यार्थियों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। नन्हे बच्चों ने कविता वाचन, समूह नृत्य और प्रेरणादायक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

ग्रेजुएशन समारोह के अंतर्गत विद्यार्थियों को पारंपरिक ग्रेजुएशन कैप पहनाकर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। यह क्षण अभिभावकों के लिए अत्यंत भावुक एवं गर्व से भर देने वाला था। बच्चों के आत्मविश्वास और मुस्कान ने सभी का मन मोह लिया।

मुख्य अतिथि डॉ. आकांक्षा दीक्षित ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य के साथ-साथ उनका भावनात्मक विकास भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों को सलाह दी कि वे बच्चों के साथ गुणवत्तापूर्ण समय बिताएँ, उनकी जिज्ञासाओं को समझें और सकारात्मक वातावरण प्रदान करें, जिससे वे स्वस्थ एवं संतुलित व्यक्तित्व के रूप में विकसित हो सकें।

विद्यालय के अध्यक्ष डॉ. अजय श्रीवास्तव ने अपने संदेश में कहा कि बच्चों का आत्मविश्वास ही उनकी सबसे बड़ी शक्ति है। यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण मिले, तो वे जीवन में हर चुनौती का सामना कर सकते हैं।

विद्यालय के डायरेक्टर एस. के. जनस्वामी ने अपने प्रेरक शब्दों में कहा कि शिक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण की प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि अनुशासन, संस्कार और समर्पण ही बच्चों को सशक्त नागरिक बनाते हैं।

विद्यालय की प्राचार्या जी आर मधुलिका ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि अभिभावक केवल पढ़ाई का दबाव न बनाकर बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा बच्चों के जीवन की मजबूत नींव है, इसलिए उन्हें नैतिक मूल्यों, खेल, रचनात्मक गतिविधियों और आत्मविश्वास के अवसर अवश्य दिए जाने चाहिए।

  1. कार्यक्रम के सफल आयोजन में शिक्षिकाएँ रजनी सिंह, बिंदु देवांगन, श्रद्धा मिश्रा, संपत्ति यादव, संगीता मटोलिया एवं मानसी साहू का विशेष योगदान रहा। उनके समर्पण, परिश्रम और कुशल प्रबंधन से कार्यक्रम अत्यंत सुव्यवस्थित एवं प्रभावशाली रहा।

अंत में विद्यालय परिवार ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

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