कांग्रेस के बाद अब बीजेपी में चलेगा अनुशासन का डंडा, भितरघातियों की सूची पहुंची संगठन तक।

बिलासपुर, राष्ट्रीय कांग्रेस छत्तीसगढ़ कांग्रेस के बड़े-बड़े पदाधिकारी द्वारा भीतर घात के आरोप निकाय पंचायत चुनाव को लेकर लग रहे सबूत के साथ वीडियो और फोटो भी वायरल हो रहे कुछ तो बच रहे कुछ बचाए जा रहे और कुछ गुटबाजी के शिकार होकर पार्टी से बाहर करदिए जा रहे हैं बिलासपुर नगर पालिका निगम के चुनाव में टिकट वितरण से लेकर मतदान तक सर्कस का खेल चला रहा है,सर्कस के किरदार कई रहे लेकिन सिर्फ जोकर बनकर नूरा कुश्ती करते रहे और चाल चलने वाले शतरंज की चाल चल गए, ऐसे दिग्गज कांग्रेस के नेता जिनकी तूती बोलती विधायक स्तर के नेताओं ने अपने समर्थकों को एक पार्षद की टिकट भी ना दिल पाये ऐसे कई वार्ड और कई जिला पंचायत जनपद क्षेत्र है जहां कांग्रेस के बड़े-बड़े दिग्गज की बंद मुट्ठी खुल गई कांग्रेस के शहर के नेता और कांग्रेस के ब्लॉक के अध्यक्ष सिर्फ बैनर और पोस्ट में फोटो लगाने के काम आ रहे थे पार्टी फोरम में ना इनका कोई महत्व दिखा और ना ही कोई पहुंच। जिला कांग्रेस कमेटी और शहर कांग्रेस कमेटी कांग्रेस प्रदेश कांग्रेस राष्ट्रीय नेताओं के सीधे संपर्क से टिकट का वितरण भी किया और बागी और भीतर घाटियों को निष्कासन कर पार्टी से बाहर का रास्ता भी दिखाया कई ऐसे कांग्रेसी पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाए जाने की वेटिंग लिस्ट में है वह जिला और शहर कांग्रेस के पदाधिकारी के यहां हाजिरी लगा रहे और अपने गुण दोष को सबूत के साथ पेश कर रहे। 

  कांग्रेस के साथ-साथ अनुशासन पंडित दीनदयाल उपाध्याय और पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सिद्धांतों पर चलने वाली भारतीय जनता पार्टी में भी ऊपर से लेकर नीचे तक अब सिद्धांत रीति और नीति का कोई महत्व या स्थान नहीं रह गया कार्यकर्ताओं को नेता सिद्धांत का पाठ पढ़ाते हैं परंतु कार्यकर्ता खुली जुबान से बोलते हैं कि हमको पाठ पढ़ा रहे भाषण पेल रहे और खुद मलाई खा रहे यहां कार्यकर्ताओं को छाछ भी नहीं मिल रही सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी में अधिकारी और दलाल सक्रिय भूमिका अग्रणी पंक्ति में नजर आते हैं चना मुर्रा सत्तू खाकर पार्टी संगठन को निष्ठा ईमानदारी से सिचने वाले पर दीनदयाल  के अंत्योदय अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक की नजर जाने कब पड़ेगी केवल भाषण और राशन में नेताओं के अंत्योदय का सिद्धांत कार्यकर्ताओं को बताया जाता है। अनुषांगिक संगठन मोर्चा प्रकोष्ठ आयोग मंडल निगम में रेवड़ियों की तरह पद पद्ववी परिश्रम को नहीं परिक्रमा और पैसे को महत्व मिल रहा कार्यकर्ता खुली जुबान से चर्चा कर रहा, 

   नगर निगम नगरीनिकाय पंचायत जनपद जिला पंचायत के आम चुनाव में जातिगत समीकरण का भूत भाजपा में जिन्न के माफिक मूल कार्यकर्ताओं के अधिकार को खा गया, संगठन के चुनाव बिलासपुर विधानसभा में नेताओं और संगठन के पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना स्पष्ट रूप से बिलासपुर संगठन के 6 मंडल में से केवल पांच मंडल में ही चुनावी प्रक्रिया संपन्न होना और एक मंडल में नेताओं और संगठन की बात की अवहेलना करना साक्षात उदाहरण अनुशासन पार्टी का दिखता है,नगरीय चुनाव में अनुशासन का लोहा मानने वाली भाजपा में अब सिर्फ कागजों में रह गया कई ऐसे बागी प्रत्याशी जिनको भारतीय जनता पार्टी बैठ ना पाई केवल सत्ता के बल पर चुनाव मैदान में उतारना आगामी संगठन को कहीं ना कहीं डैमेज कंट्रोल ना कर पाना यह अनुशासन पार्टी का सिद्धांत सत्ता के गलियारे में खो गया भीतरघात भाजपा में भी चरम सीमा पर कुछ तो नेताओं के इशारे पर कुछ पार्टी के संगठन के बड़े पदाधिकारी के इशारे पर जो जैसा बोएगा वैसा पाएगा फूल छाप कांग्रेसी का नारा भारतीय जनता पार्टी में पंजा छाप भाजपाई भी नजर आने लगे कार्यकर्ता तभी जुबान से कहने लगे बड़े नेता करें तो नियम है संगठन है और कार्यकर्ता करें तो अनुशासनहीनता यह कहां का सिद्धांत बिलासपुर नगर निगम के महापौर प्रत्याशी और पार्षद प्रत्याशी अपने-अपने भीतर भीतर धातियों को पार्टी से निष्कासित करने संगठन नेता विधायक सांसद मंत्रियों से लगा रहे गुहार मतदाता भी राजनीतिक दलों के चेहरों को दे रहे नकार इसी का परिणाम की शहरी क्षेत्र से लेकर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में सत्ताधारी दल मतदान का प्रतिशत कमजोर स्थिति को आकलन न लग पा रहा, नगर निगम बिलासपुर भाजपा के ऐसे कई बड़े नेता जो चुनावी समंजन संचालन का दिखावा कर रहे पंजा छाप भाजपाई बनकर बैठे कार्यकर्ता तो यहां तक कह रहा वही लोग हैं जो पार्टी के खिलाफत करने वालों की पर भी करते हैं नेताओं के साथ बैठकर छोटे कार्यकर्ताओं का प्रमाण पत्र लिख देते हैं बड़े लोगों का छुप जाता है छोटे कार्यकर्ताओं का उजागर हो जाता है पार्षद प्रत्याशी अपने-अपने भीतर धातियों की दुखद कहानी सकरी क्षेत्र जरहाभाटा, ओम नगर कस्तूरबा नगर सिंधी कॉलोनी कुदुदंड भारती नगर तालापारा मक्षंवापारा अंबेडकर नगर इंदिरा कॉलोनी तारबहार मसनगंज मध्य नगरी गोल बाजार जूना बिलासपुर तेलीपारा टिकरापारा तोरवा जबड़ा पारा सरकंडा मुक्तिधाम राजकिशोर नगर जोरापारा नूतन कॉलोनी बंधवा पारा कोनी तिफरा जैसे वार्डों में भाजपा को लगी सेंध अपने ही अपनों को निपटने में गैरों के साथ मिला बैठे हाथ से हाथ 

  अनुशासन का डंडा केवल कांग्रेस पार्टी ने भीतर घातियों को 

पार्टी से किया निष्कासन भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पार्षद प्रत्याशी महापौर प्रत्याशी जानकर भी बन रहे अनजान करें तो क्या करें जब कार्यवाही करने वाले ही न्याय की बजाय अन्याय कर बैठे तो सुशासन अंत्योदय की अपेक्षा करें किसके पास भाजपा के ऐसे सफेद पोश क्या यह उजागर हो पाएंगे या फिर सत्ता की भीड़ में अनुशासन का डंडा दब जाएगा

   किसको लगेगा इनामदार का मेडल और किसका स्टार लाइन अटैच होंगे बेईमान यह तो सोचने वाली बात है प्रत्याशी भीतर घातियों की लिखित शिकायत जिला और प्रदेश संगठन को लिफाफा बंद कर नाम दर्ज रपट लिखवा रहे चल रहा लिफाफा लिफाफा का खेल चुनाव के बाद भी और चुनाव के पहले भी 

  

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