बिलासपुर- मुंगेली में पिछले दिनों कथित पत्रकारों को वन विभाग के रेंजर सी आर नेताम ने डेढ़ करोड़ देकर बता दिया कि वन मंत्रालय में मलाई ही मलाई है किसी भी सरकार के मंत्री अगर कमरे से सरकार चलाने लगे तो समझ जाइये गोलमाल है भई गोलमाल है आखिर सरकारी योजना के पैसे का अधिकारी इस्तेमालकिस तरह करते है कि योजना भी पूरी हो जाती है और रकम घूम फिर कर फिर उनके पास चले आती है रेंजर डेढ़ करोड़ नगद पाया कैसे अगर रेंजर डेढ करोड़ सेऊपर का है तो उपर के अधिकारी कितने के करोड़ के होंगे अदना सा रेंजर इतनी गर्मी लेकर चल रहा है तो ऊपर बैठे अधिकारी और …. कितने के होंगे पानी मे रहकर मछली कितना पानी पी रही है ये पता करना मुश्किल है जनता ये नही कहती कि रेंजर ने कांग्रेस शासन काल मे ये किया है आखिर बीजेपी तो लंबे समय तक रही किसी को ऐसे अधिकारी नही दिखते जंगलआज कल मोर जोर जोर से नाच रहा है सब देख रहे है केवल वन मंत्रालय नही देख पा रहा वन विभाग के रेंजर के जरिये जो कुछ सामने आया उससे वन मंत्रालय की छवि खताब हुई है जनता अब कहने लगी है इसलिये मंन्त्री दौरा नही करते जनता की आवाज को बंद नही किया जा सकता आग लगी है यो आंच आना स्वाभाविक है ये अलग बात है आप इस मामले में गंभीर है कि नही लेकिन वन मंत्रालय की छवि तार तार हुई है
