बिलासपुर-जनप्रतिनिधि अगर समझदार न हो तो जनता की समस्या बने रहती है , जनहित के मुद्दों पर चर्चा के लिए बुलाई गई नगर निगम की सामान्य सभा मे प्रश्नकाल में भाजपाई ऊलजलूल बात करते रहे जिससे सदन में लोक महत्व के मुद्दे पर चर्चा नही हों पाई ,और संमय निकल गया ,बजट को सत्यनारायण की कथा की तरह सुना और बजट पास हो गया ,सदन के बाहर निकलने के बाद ज्ञान बाटते रहे , परीक्षा के समय ताकाझांकी में समय निकल गया, विपक्ष की हालत देख कर लगा कि ऐसे विपक्ष से जनता का भला होने वाला नही है, महापौर ने दस अरब 24 करोड़ से ज्यादा का बजट पढ़ा और पास करने के लिए सभी पार्षदों को बधाई दो
एक बार पार्षद अमित भरते द्वारा विधानी को पागल कहने पर संमय गया ,दूसरी बार अधिकारियों से जवाब के फेर में संमय गया।
पार्षद दुर्गा सोनी ने आयुक्त द्वारा व्यपारियो को चोर कहने के मामले में आयुक्त से माफी मांगने की मांग की इसको लेकर पार्षद सदन में ही धरने पर बैठ गए,किसी तरह महापौर रामशरण यादव ने मामले को सम्भाल, इस दौरान सभापति शेख नजरुदीन पार्षदों को समझाते रहे फिर भी पार्षद धरने पर बैठ गए लांच बाद नेता प्रतिपक्ष ने धरना खत्म करवाया।
विपक्ष के कमजोर प्रदर्शन से साफ हो गया कि 15 साल की खुमारी अभी भाजपा से गई नही है ,ये अपने कर्मो से नही भाग्य से सत्ता पर बैठे थे।

