बिलासपुर- पुराने बस स्टैण्ड क्षेत्र में जमीन आवंटन को चुनौती दी गई है- प्रकरण में किसी प्रकार स्टे आदेश नहीं है हाई कोर्ट की जस्टिस गौतम भादुड़ी और जस्टिस एन . के . चंद्रवंशी की खण्डपीठ में बिलासपुर में नये कांग्रेस भवन के लिए भूमि आवंटन को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर आज सुनवाई हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से बिलासपुर शहर में पहले ही एक भूखण्ड कांग्रेस कार्यालय के लिए आवंटित होने के आधार पर नये भू – खण्ड आवंटन को चुनौती देने का तर्क किया प्रत्युत्तर में कांग्रेस कमेटी की ओर से बताया गया कि उक्त भूमि आवंटन राज्य शासन की कैबिनेट ने किया है और उसे राजस्व पुस्तक परिपत्र के अनुसार इस तरह के आवंटन करने का पूरा अधिकार है और आवंटन में किसी भी प्रकार की अनियमित्ता नहीं बरती गई है । गौरतलब है कि रायपुर में भी भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय के लिए दो बार अलग अलग भूखण्ड आवंटित हुआ है । यही नही पुराने बस स्टैण्ड की जमीन में अस्पताल निर्माण के लिये सुरक्षित होने का जो तर्क याचिका में दिया गया है वह भी सही नहीं है क्योंकि अस्पताल के लिए आवश्यक भूमि पहले ही आवंटित हो चुकी है । अतः भूमि आवंटन में कोई समस्या नहीं है । सुनवाई के दौरान खण्डपीठ ने विभिन्न दस्तावेजों को एक पेपर बुक में बनाकर जमा करने का निर्देश जारी किया और प्रकरण में किसी प्रकार का स्टे न होने के कारण एक साथ अंतिम सुनवाई के लिए मामले को अप्रैल में सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया । प्रकरण में याचिका कर्ता की ओर से किशन साहू कांग्रेस कमेटी की ओर से सुदीप श्रीवास्तव राज्य शासन की ओर से राघवेन्द्र प्रधान एडिशनल ए.जी. और नगर निगम की ओर से हर्ष वर्धन अग्रवाल अधिवक्ता उपस्थित रहे ।

