समाज में जो सबसे नीचे पायदान पर हैं वही जाति सबसे ज्यादा जातिवाद के चंगुल में जकड़े है – टी आर निराला

बिलासपुर। सूर्यवंशी समाज चेतना मंच के बैनर तले विचार गोष्ठी एवम सम्मान समारोह का कार्यक्रम नारायण प्लाजा बिलासपुर में आयोजित किया गया था । कार्यक्रम में मुख्य अतिथि टी आर निराला अधिवक्ता एवम पूर्व सदस्य स्टेट बार कौंसिल बिलासपुर रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता कृष्ण कुमार तामक नंद प्रदेशाध्यक्ष सूर्यवंशी समाज चेतना मंच ने किया और अति विशिष्ट अतिथि के रूप में झगर राम सूर्यवंशी सदस्य अजा विकास परिषद एवम कार्यकारी अध्यक्ष अखिल भारतीय सूर्यवंशी समाज रहे। विशिष्ट अतिथियों में अधिवक्ता चंदन बघेल पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सूर्यवंशी समाज विकास संगठन एवम वरिष्ठ पत्रकार कटघोरा,चंद्र प्रकाश सूर्या जिलाध्यक्ष अनु. जाति मोर्चा भाजपा , अन्नू करियारे प्रवक्ता सूर्यवंशी समाज बिलासपुर ,मनीष सेंगर जी महासचिव सूर्यवंशी समाज बिलासपुर,ओमप्रकाश बघेल प्रगतिशील सतनामी समाज के राज महंत पहंदा एवम देव कुमार कनेरी अधिवक्ता तथा पूर्व प्रदेश महासचिव बसपा उपस्थित रहे। उपस्थित गणमान्य नागरिकों में रामचंद्र गौतम शिक्षक एवम समाज चिंतक ,रतनलाल सरोअर संरक्षक अखिल भारतीय सूर्यवंशी समाज , डॉ रघु साव अध्यक्ष भाईचारा बनाओ मिशन सोसाइटी, उमाशंकर सूर्यवंशी पूर्व जिलाध्यक्ष बहुजन समाज बिलासपुर ,प्रहलाद सूर्या , सुरेंद्र सूर्या बंशी टेंगवार राजेंद्र लास्कर , रामेश्वर सप्रे , कन्हैया सोनवानी सरपंच ग्रा प टेकर, बिजौरे , गुलाबराम बघेल पूर्व प्रवक्ता प्रदेश सूर्यवंशी समाज विकास संगठन , राजू सिन्हा जी क्षेत्रीय नव सतनाम युवा मंच एवम मेही डहरिया युवा कार्यकर्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन कनेरी ने किया । अतिथियों का साल श्रीफल एवम पुष्पहार से स्वागत किया गया। इसी तारतम्य में चंदन बघेल पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सूर्यवंशी समाज विकास संगठन कटघोरा का स्वागत किया गया । बघेल ने जाति तोड़ो – समाज जोड़ो अभियान के अंतर्गत अपनी डॉक्टर पुत्री का विवाह पिछड़ा वर्ग के यादव इंजीनियर लड़के से रीति रिवाज के साथ डंके की चोट पर किया, इनके इस कदम को उत्कृष्ट तथा बड़े ही प्रशंसनीय बताया गया।सभी वक्ताओं ने बघेल के इस हिम्मत भरे कार्य को सराहा और अनुसूचित जाति वर्ग के लिए ऐतिहासिक कदम कहा।
मनीष सेंगर ने इसे खुशी और दुख का विषय कहा खुशी इसलिए की यह कदम अत्यंत ही सराहनीय है और दुख इसलिए की अनु जाति को ऐसा कदम उठाने में 75 साल क्यों लगा ? अन्नू करियारे जी ने भी इसे अजा वर्ग के लिए एक कदम और जाति तोड़ने में सफलता का बताया तथा यह भी सुझाव दिए कि हमे सूर्यवंशी, सतनामी, रामनामी अलग अलग लिखने के बजाए सिर्फ अनुसूचित जाति लिखना चाहिए । सरगुजा संभाग में 6 जातियों का संगम हो चुका है जिसकी लपटे पूरे देश में फैलेगा।
निराला जिनका नाम काशी राम के साथ लिया जाता है ने अपने उद्बोधन में सभी अनूसूचित जातियों को एक होने में ही अजा वर्ग की भलाई और विकास है कहा। कनेरी ने बघेल की पुत्री के अंतर्जातीय विवाह को समस्त अजा वर्ग के लिए गर्वांवित करने वाला कदम कहा । सतनामी समाज के राज महंत ओमप्रकाश बघेल ने भी इस विवाह को उत्कृष्ट कदम कहा और पूर्व सूर्यवंशी समाज विकास संगठन के प्रवक्ता गुलाब बघेल ने जाति तोड़ो समाज जोड़ो पर जोरदार भाषण दिया ।
अंत में रामचंद्र ने आभार व्यक्त कर सभा समाप्ति की घोषणा किया।

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