मेगा एजुकेशन एक्सपो: प्रतिभा से आत्मविश्वास तक—विद्यार्थियों के विकास की नई पहल”।

बिलासपुर स्थित आधारशिला विद्या मंदिर सैनिक स्कूल में आयोजित मेगा एजुकेशन एक्सपो में बच्चों के सर्वांगीण विकास हेतु कई एक्सपर्ट्स एवं संस्थाओं ने विद्यार्थियों की आयु, रुचि और आवश्यकताओं के अनुरूप मार्गदर्शन प्रदान किया। इस आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को पढ़ाई, करियर और जीवन के प्रति जागरूक एवं सशक्त बनाना था। कार्यक्रम के दौरान एक्सपर्ट्स ने संवादात्मक शैली में चर्चा की—बच्चों ने स्वयं को समझा और विभिन्न करियर विकल्पों के बारे में जानकारी प्राप्त की, साथ ही शहर के विभिन्न विद्यालयों से आए विद्यार्थियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी दीं।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्री जवाहर सुरि शेट्टी एवम विशिष्ट अतिथि श्री सैयद फैजल की गरिमामयी उपस्थिति रही। साथ ही माननीय अटल श्रीवास्तव (विधायक, कोटा) की विशेष उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। अन्य विशिष्ट अतिथियों में डॉ. अरविंद तिवारी (रजिस्ट्रार, डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय), डॉ. संजय सिंघई (प्राचार्य, जी.ई.सी.), ग्रुप कैप्टन वाई. श्रीनिवास (जीएम, स्मार्ट सिटी बिलासपुर) तथा चंदा बंसल (डायरेक्टर, आनंद पब्लिक स्कूल) शामिल रहे।

मनोविज्ञान एवं मेंटरिंग के क्षेत्र में अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विशिष्ट अतिथि श्री सैयद फाजिल ने अपने प्रेरणादायक संबोधन में कहा कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के समग्र व्यक्तित्व विकास का माध्यम है। उन्होंने बताया कि सफलता उतनी कठिन नहीं है, जितनी हम उसे मान लेते हैं। अपने सत्र के दौरान उन्होंने बच्चों को समझाया कि हमारा मस्तिष्क और भावनाएँ किस प्रकार साथ-साथ कार्य करते हैं, और कैसे स्पष्टता एवं उत्साह के साथ हम प्रतिदिन स्वयं को बेहतर बना सकते हैं।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आज आवश्यकता केवल “किताब पढ़ने” की नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की जिज्ञासा और सीखने की इच्छा को समझने की है। अपनी रोचक संवाद शैली से उन्होंने सभी का ध्यान आकर्षित किया और अनुशासन को दंड नहीं, बल्कि सही मार्गदर्शन के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने बच्चों को स्वतंत्रता देकर आत्मनिर्भर बनाने पर बल देते हुए कहा कि “Admission को Ambition में बदलना ही सच्ची शिक्षा है।” उनके सत्र में बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों ने भी सक्रिय रूप से भाग लिया और अनेक प्रश्न पूछे। उन्होंने अपने अनुभवों एवं शोध के उदाहरणों के माध्यम से सभी के प्रश्नों का समाधान किया और भविष्य में पुनः मिलने का आश्वासन भी दिया।

मुख्य अतिथि श्री जवाहर सुरि शेट्टी ने बदलते समय में शिक्षा के महत्व और अवसरों पर अभिभावकों एवं विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने नई शिक्षा नीति के बाद आए परिवर्तनों तथा वैश्विक स्तर पर हो रहे शैक्षणिक, आर्थिक एवं तकनीकी बदलावों की ओर ध्यान आकर्षित किया।

उन्होंने बताया कि कई बार सही जानकारी और तैयारी के अभाव में विद्यार्थी अपने लिए उपयुक्त कोर्स और कॉलेज का चयन नहीं कर पाते। इसलिए कक्षा 9वीं एवं 10वीं से ही अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप करियर विकल्पों की जानकारी जुटाना और उस दिशा में निरंतर प्रयास करना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने वैकल्पिक योजना (Plan B) रखने की भी सलाह दी।

उन्होंने आईआईटी एवं मेडिकल की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को बताया कि ये विषय न केवल उन्हें बेहतर संस्थानों में प्रवेश के लिए तैयार करते हैं, बल्कि आगे के ज्ञान के लिए एक मजबूत आधार भी प्रदान करते हैं। उन्होंने आईआईटी एवं मेडिकल के अतिरिक्त अन्य पाठ्यक्रमों के बारे में भी जानकारी दी और बताया कि आईआईटी में बी.टेक के अलावा भी कई उत्कृष्ट कोर्स उपलब्ध हैं। उन्होंने देश के प्रमुख संस्थानों—जैसे आईआईटी मुंबई, दिल्ली, चेन्नई तथा आईआईएम अहमदाबाद, कोलकाता—में उपलब्ध विविध अवसरों पर भी प्रकाश डाला।

उन्होंने “Learning by Doing” पर बल देते हुए विद्यार्थियों को अपनी रुचियों को पहचानने, जिज्ञासा बनाए रखने और नए प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह, उमंग और सकारात्मक ऊर्जा का अत्यंत जीवंत वातावरण देखने को मिला। पूरे आयोजन में सीखने, सृजन करने और अपनी प्रतिभा को अभिव्यक्त करने की प्रेरणा स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई। इस मेगा एक्सपो में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं गतिविधियों का सुव्यवस्थित आयोजन किया गया, जिनमें फैंसी ड्रेस, ड्राइंग एवं पेंटिंग, गायन एवं नृत्य प्रतियोगिताएँ, प्रतिभा खोज परीक्षा, बिलासपुर हंट परीक्षा तथा बौद्धिक एवं तार्किक क्षमता को विकसित करने वाले अनेक रोचक खेल शामिल थे।

ड्राइंग एवं पेंटिंग प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रंगों के माध्यम से अपनी कल्पनाशक्ति और सृजनात्मकता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। वहीं, गायन एवं नृत्य प्रतियोगिताओं ने कार्यक्रम को सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया और विद्यार्थियों की कलात्मक अभिव्यक्ति एवं आत्मविश्वास को उजागर किया। फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता में बच्चों की रचनात्मकता और प्रस्तुति कौशल ने सभी का मन मोह लिया।

इसके अतिरिक्त, प्रतिभा खोज परीक्षा एवं बिलासपुर हंट परीक्षा के माध्यम से विद्यार्थियों की बौद्धिक क्षमता, तार्किक सोच, विश्लेषण कौशल और समस्या समाधान क्षमता का समग्र मूल्यांकन किया गया। इन गतिविधियों ने विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं को पहचानने और नई चुनौतियों को स्वीकार करने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के चेयरमैन डॉ. अजय श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास को सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मक सोच विकसित करने का सशक्त माध्यम बताया।

कार्यक्रम के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा सभी प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की गई। विद्यालय प्रबंधन एवं शिक्षकों ने इस सफल आयोजन के लिए अभिभावकों एवं सभी सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया।

यह मेगा एजुकेशन एक्सपो विद्यार्थियों के लिए एक सशक्त मंच के रूप में उभरा, जहाँ उन्होंने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने के साथ-साथ आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा प्राप्त की। यह आयोजन शिक्षण प्रक्रिया को अधिक रोचक, अनुभवात्मक और सहभागितापूर्ण बनाने में सहायक सिद्ध हुआ तथा विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

विद्यालय प्रबंधन ने यह भी जानकारी दी कि आधारशिला विद्या मंदिर सैनिक स्कूल में कक्षा 5वीं से ही ऑल इंडिया सैनिक स्कूल प्रवेश परीक्षा (AISSEE) की सुनियोजित तैयारी कराई जाती है। साथ ही विद्यालय में SIP (Special Integrated Program) के अंतर्गत कक्षा 9वीं से ही विद्यार्थियों को IIT एवं NEET जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की व्यवस्थित तैयारी प्रदान की जाती है।

वर्तमान में विद्यालय में नर्सरी से कक्षा 11वीं तक प्रवेश प्रारंभ हैं। इच्छुक अभिभावक अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए विद्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

डायरेक्टर एस. के. जनस्वामी ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में प्रतिस्पर्धा के साथ कौशल विकास भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को विद्यार्थियों की छिपी प्रतिभा को पहचानने और उसे मंच प्रदान करने का प्रभावी माध्यम बताया।

कार्यक्रम के इंचार्ज सीनियर सेकेंडरी के कोऑर्डिनेटर विवेक गुप्ता एवं प्राइमरी कोऑर्डिनेटर काजल शर्मा ने इस आयोजन को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया। 

विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती जी. आर. मधुलिका ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए सभी अतिथियों, आगंतुकों एवं विद्यालय परिवार का आभार व्यक्त किया।

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