बिलासपुर- बीजेपी छत्तीसगढ़ में सीएम का चेहरा आगे करके चुनाव नही लड़ना चाहती ,प्रभारी ओम माथुर ने कहा कि संसदीय बोर्ड इसका फैसला करेगी कोई एक व्यक्ति इसका फैसला नही करता ,सीएम का चेहरा शायद बीजेपी इसलिए सामने नही कर रही कन्हि न कन्हि उसको कार्यकर्ताओं और जनता की नाराजगी का अहसास है, बीजेपी घबरा रही है किसी का चेहरा सीएम के लिए आगे किया और कन्हि उसका रिएक्शन हो गया तो आफत हो जाएगा, जिस तरह से 15 साल सरकार चली है उससे कार्यकर्ता रूष्ट है, सब बुजुर्ग नेता युवाओ को आगे आने नही देना चाहते,कुछ दिन पहले जब पहली बार ओम माथुर छत्तीसगढ़ दौरे में आये थे तो कड़क दिख रहे थे पुराने नेताओं के लिए लेकिन अचानक उनकी नरमी ओर पर तरह तरह की चर्चा हों रही ,कार्यकर्ता जो बातें बोल रहा है उसको हम यंहा लिख नही सकते,जिसके पास पास पहले खीर है उसी को खीर परोसी जाएगी, कार्यकर्ता पार्टी की बात करना पसंद नही कर रहा है ,निराश के गर्त में चला गया है , लक्ज़री गाड़ी में घूमने वाले पार्टी के नेता अब कार्यकर्ताओं की भावना की कद्र नहीं कर है , नेता मालिक और नौकर की तरह व्यवहार कर रहे है,यही सब वजह कार्यकर्ता में मायूसी का कारण है, संगठन के बड़े नेता कुछ फैसला नही ले पा रहे है या फैसला गोपनीय है अचानक ओपन किया जाएगा,कार्यकर्ता कह रहे पार्टी में कार्यकर्ताओं की नही पैसे वाले सेवकों की जरूरत है, 15 स्लम बीजेपी के कई नेताओं की संपत्ति हजारो करोड़ पाबूनकब गई कार्यकर्ता को रमन सिंह ने ठेका लेने से मना किया , विकास साथ ठेकेदारी खुद की रही, कार्यकर्ता ,पीछे पीछे घूमता रहा, अनुशासन वाली पार्टी में लोकतंत्र खत्म है , कार्यकर्ता के साथ न्याय भी नही हो रहा है, एक कार्यकर्ता ने कहा प्राइवेट लिमिटेड है भई, कार्यकर्ता की नही लाइजनर के गुण वाले व्यक्ति की जरूरत है। कोविद में कई कार्यकर्ता मरे गए उनके परिवार की किसी ने सुध नही ली , 15 सलके नेता आज भी कार्यकर्ता से आसानी से नही मिलते, ,रमन सिंह बुजुर्ग हो गए, उनका पूर्व सचिव जरूरत से ज्यादा संपति में फस गाया है ,सुप्रीम कोर्ट ने भी राहत नही दी, , क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने अमन सिंह मामले में जो फैसला दिया है अब नजरि बन गई है

