बिलासपुर-बीजेपी कार्यकर्ता इस बार फिर ठगी का शिकार होने वाला है ,सत्ता रहते सत्ता से दूर रहने वाले बीजेपी कार्यकर्ता इस बार फिर ठगे जाने वाले है एक बड़ी साजिश पुराने नेता रच कर फिर सत्ता में काबिज होना चाहते ,जिसका शिकार मोदी और शाह भी होंगे, छत्तीसगढ़ में संगठन इन नेताओं के दरबान की भूमिका में नजर आता है । छत्तीसगढ़ बीजेपी में परिवर्तन का दम बीजेपी संगठन में नही है प्रदेश अध्यक्ष नेता प्रतिपक्ष से शुरुवात हुई ,संगठन निष्पक्ष दिखा लेकिन फिर वही ढाक के तीन पात,जिला अध्यक्ष की रेवड़ी बड़े नेताओं के इशारे पर बट गई,महंगाई की मार से आहत कार्यकर्ता को संगठन में भी राहत नही है ,बड़े नेताओं से पटरी नही बैठेगी तो संगठन में जगह नही मिलेगी, बेचारा कार्यकर्ता करे भी क्या क्योंकि संगठन बड़े नेताओं के दरबान की भूमिका में दिखता, अब इसमे भी निर्णय लेने में कमजोर संगठन की कोई मजबूरी होगी , केंद्रीय संगठन मानसिक रूप से फैसला लेने में पूरा मजबूत नही है ,छत्तीसगढ़ बीजेपी की फ्रेंचाइजी मजबूत हाथों में है , केंद्र संगठन भी छत्तीसगढ़ की फ्रेंचाइजी से खुश है तभी फिर से कमान पुरानी फ्रेंचाइजी को सौंपने की तैयारी है ,राजेश मूढ़ फिर से पावर फूल हो जाएंगे ,उम्मीद लगाए कार्यकर्ताओं को जाम दी वाल ने जाम कर दिया है , पुरंदेश्वरी को पुराने नेताओ ने निपटा दिया , नए संगठन पदाधिकारी पुराने नेताओ के मन के माफिक है ,मूझे तो लगता है मोदी और शाह से निपटने में सक्षम है यंहा के नेताओं की कूट निति के आगे मोदी और शाह को झुकना पड़ेगा क्योंकि यंहा के नेता जो राजनीतिक गणित जानते और काम करते उसका पता मोदी और शाह को भी नही चलेगा,। छत्तीसगढ़ में बीजेपी का केंद्रीय संगठन फेल यंहा पार्टी बंधक की तरह काम कर रही ,केंद्रीय संगठन यहां के नेताओं से डरता है इसलिए कार्यकर्ताओं का सम्मान नही कर पा रहा है। पुरानी फ्रेंचाइजी की खिचड़ी पक गई है ।संगठन के नए प्रदेश पदाधिकारी अभी एसी कार और कमरे का मजा ले रहे है एसी कार और कमरे वाले से मिल रहे है अभी जमीन पर नही आये है क्या कर रहे पता कुछ कर रहे है ये भी नही दिख रहा न सुनाई दे रहा है।लोकल के बजाय आयतित नेता के इर्दगिर्द पार्टी के पदाधिकारी घूम रहे है। कार्यकर्ता मुह तक रहा है।

