मुख़र्जी के बलिदान दिवस पर नेता प्रतिपक्ष ,सांसद ने किया याद।

बिलासपुर। भारतीय जनता पार्टी जिला बिलासपुर के मंडल एवं बूथ स्तर पर डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी का बलिदान दिवस मनाया गया। इस अवसर पर उनकी प्रतिमा एवं छायाचित्र पर भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने माल्यार्पण एवं पुष्पाजंलि अर्पित की गई।
जनसंघ के संस्थापक डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी की स्मृति दिवस पर भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी चौक पुराना बस स्टैण्ड में स्थापित डॉ.मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पाजंलि अर्पित की।
इस मौके पर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी शिक्षा विद विचारक थे एवं अखंण्ड भारत के रूप में पुनः भारत को देखना चाहते थे। कौशिक ने कहा कि 6 जुलाई 1901 को उनका जन्म कलकत्ता में हुआ उनके पिता का नाम सर आशुतोष मुखर्जी एवं मॉ का नाम योगमाया था, वे शुरू से ही होनहार थे सबसे कम उम्र में कुलपति बने 33 वर्ष की आयु थी। डॉ.मुखर्जी 1929 में राजनीति में पदर्पण हुआ। 1929 में कलकत्ता विश्वविद्यालय क्षेत्र से बंगाल विधानसभा के लिए चुने गए। कौशिक ने कहा कि 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की और डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी कश्मीर को लेकर नारा दिया दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नही चलेगा जिसे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार ने पूरा किया। कश्मीर से धारा 370 हटाई गई कौशिक ने कहा कि उनका देश के लिए दिए योगदान को कभी भूलाया नही जा सकता। हम सबको उनके बताए रास्तों एवं विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए उनके प्रति यही हमारी सच्ची श्रद्धाजंलि होगी।
सांसद अरूण साव ने भी डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 1941-42 में बंगाल प्रदेश में वित्त मंत्री रहे 1944 में हिन्दु महासभा के अध्यक्ष बनाए गए। 1946 में पश्चिम बंगाल को पाकिस्तान में मिलने से बचाया। 1947 में अंतरिक सरकार के केन्द्रीय मंत्री मंडल में शामिल हुए। 6 अप्रैल 1950 को मंत्री मंडल से त्याग पत्र दे दिया। डॉ.मुखर्जी भारत की अखंडता और कश्मीर के समर्थक थे वे कश्मीर मुद्दे पर अनुच्छेद 370 को भारत की विफलता और शेख अब्दुल्ला का जियराष्ट्र सिद्धांत बताया अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को हटाने के लिए भारतीय जनसंघ में हिन्दु महासभा राम राज्य परिषद के साथ सत्याग्रहण शुरू किया। श्री साव ने कहा कि उनका सारा जीवन देश के लिए समर्पित था।
भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव कुमावत ने डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी के जीवन को देखे तो देश के लिए समर्पित रहा है वे भारत की एकता और अखंडता के लिए काम किया वे चाहते थे देश का मान सम्मान बरकरार रहे। अंग्रेजों ने देश की संस्कृति एवं धरोहर को नष्ट कर फूट डालो राज करो नीति के तहत कश्मीर में इसी का खेल खेला गया था जिसका डॉ.मुखर्जी विरोध करते रहे, कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाने के लिए संघर्ष करते रहे लेकिन इस बीच उनकी मृत्यु हो गई। उनका सपना अधूरा था कश्मीर को लेकर उनके सपने को देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 370 हटाया एवं कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।
इस अवसर पर उपस्थित भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने डॉ.श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। छ.ग. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक, सांसद अरूण साव, भाजपा जिलाध्यक्ष रामदेव कुमावत, अमरजीत सिंह दुआ, किशोर राय, विनोद सोनी, जुगल अग्रवाल, संदीप दास, विजय ताम्रकार, चंद्रप्रकाश मिश्रा, धीरेन्द्र केशरवानी, गोपी ठारवानी, निखिल केशरवानी, जयश्री चौकसे, चंद्रभूषण शुक्ला, मनीष अग्रवाल, प्रकाश यादव, राजेश रजक, नंदु सोनी, राजेश सिंह, कमल कौशिक, महर्षि बाजपेयी, सहित भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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