बिलासपुर- कानन पेण्डारी जूलॉजिकल गार्डन एक मादा बाधिन ( धेरी ) जिसकी उम्र लगभग 13.5 वर्ष की थी , उसका दूसरे नर बाघ ( भैरव ) से आपसी संघर्ष के कारण मृत्यु हो गयी है । बाधिन कोनागपुर के महाराजा बाग जू से वन्य प्राणी आदान – प्रदान के माध्यम से कानन पेण्डारी जू में लाई गई थी । 2013 में मादा चेरी का • कानन जू के बाघ ( विजय ) से आपसी संघर्ष हुआ था जिसमें बाघ विजय के द्वारा बाघिन चेरी के पूंछ को काट लिया गया था , रात्रि में कानन जू के नर बाघ भैरव एचं बाघिन चेरी के मध्य आपसी संघर्ष की घटना घटित हुई जिससे मादा बाघिन चेरी की मृत्यु हो गयी है । मृत्यु उपरांत संचालक अचानकमार अमरकंटक बायोरिफयर रिजर्व कोनी , अधीक्षक , कानन पेण्डारी जू एवं परिक्षेत्राधिकारी , कानन पेण्डारी जू की उपस्थिति में पशु चिकित्सकों की समिति गठित सदस्य डॉ . आर . एम . त्रिपाठी , पं.चि.स.श. कार्यालयीन , डॉ . अजीत पाण्डेय , कानन पेण्डारी जू एवं कोटमीसोनार के पशु चिकित्सक डॉ . तृप्ति सोनी की उपस्थिति में शव विच्छेदन किया गया । शव विच्छेदन उपरांत परीक्षण हेतु विसरा एकत्रित किया जाकर दाह संस्कार किया गया । पशु चिकित्सकों की समिति द्वारा मादा बाधिन की मृत्यु का कारण आपसी संघर्ष के कारण asphyxia होना बताया गया ।
