बिलासपुर- आरडीए की देवेन्द नगर योजना के 33 प्लाटों में अवैध निर्माण हो गया है ,बेशकीमती जमीन पर आरडीए के अधिकारियों की मिली भगत के कारण कब्जा हुआ है लंबे समय से आरडीए में बैठे अधिकारियों ने खेल कर व्यपारियो का कब्जा कर दिया है , इस इलाके की जमीन बेशकीमती है लंबे समय से कब्जे का खेल चल रहा है , जमीन कब्जे में केवल अधिकारियों की मिली भगत नही है इसमे सफेदपोश भी शामिल है , ओस इलाके में छत्तीसगढ़ियों को जगह नही मिलती यंहा बड़े सफेदपोश गैर छत्तीसगढ़ियों का कब्जा है पहली बार आरडीए के किसी नेता ने अच्छा काम किया है 33 बेशकीमती जमीनों में कब्जे का निरक्षण किया है ,आरडीए में अबतक जोभी बैठता रहा व्व खीर खाता रहा है ,अपने अपने गौर छत्तीसगढ़ी लोगो को पुराने अधिकारी ने रेवड़ी बाटी है , नया बस नया बस स्टैंड से लेकर आरडीए की जमीन और पुराने बड़े अधिकारियों ने बड़ा खेल किया है ,अब तक आरडीए की देवेन्द नगर की जमीन पर छत्तीसगढ़ियों को जगह नही मिली है ,उम्मीद है उपाध्यक्ष शिव सिंग के निरक्षण से छत्तीसगढ़ियों का भला होगा। रसूखदारों के बेजा कब्जा हटाये जाएंगे। राजधानी में छहत्तीसगढिया पन दिखना चाहिए इसके लिए सरकार तो प्रयास कर रही है लेकिन छत्तीसगढ़ियों को ईमानदार रहना होगा सफेदपोश बाहरी नेटाओ से बचना होगा। यंहा एक खास पुराने अधिकारी के द्वारा अरबो रुपये कमाए जाने की जोरदार चर्चा है खैर इस मामले में एसीबी जरूर कुछ करने वाली ।
