आशीष सिंह का ये चौपाल चर्चा में है क्योंकि ,हंसी मजाक में कब किसका काम हो जाता है पता ही नही चलता,और छट जाती है भीड़ ,’फेर आबो ‘के साथ।

बिलासपुर- हमर गाँव मे स्कूल अउ शमशान में बेजा कब्जा होगे हे, मंदिर बर रास्ता नई हे दूसर तरफ ले मंदिर जाए म भारी दुरिहा पड़ते हमर गाँव ले थोकिन छोटे रास्ता बन जातिस त मंदिर जाए म सुबीता हो जातिस भैया ,इतना सुन पाए थे कि एक महिला सरपंच बोली मोर सड़क ल तो करवा दे अउ हमर गांव के सचिव सुनय नई गांव में आवय नई लोगन मोला सुनाथे ओला हटा देते त जनता के काम होए लगतिस भैया ,इस बीच एक युवा टीम के दो युवक युवती के निःस्वार्थ सेवा भावी को देखते ही भैया खुश हो जाते है दरअसल ये सब भैया आशीष सिंह संसदीय सचिव के पति का चौपाल है जो हर सुबह लगता है आसानी से उपलब्ध आशीष सिंह पहले हालचाल जानते फिर पूछते है बता काबर आंये हव , जो भी लोग मिलते उनके काम के लिए आशीष सिंह तुरत सम्बंधित अधिकारी से बात करते कुछ सामाजिक लोगो भी समस्या लेकर पहुंचते जिनकी समस्या का भी तुरत समाधान निकाले का प्रयास करते है इस चौपाल की अच्छी बात ये है कि जो हंसते हंसते आता है वो हंसते हंसते ही जाता है ,दरअसल इस बात को लिखना इसलिए पड़ रहा है कि कुछ नेता ऐसे हैजिनके यंहा लोग समस्या लेकर हंसते हंसते जाते तो पर हंसते हंसते लौटते नही ,एक नेता के घर लोग बड़ी संख्या में जाते लेकिन जैसे वो लौटते है नेता पीछे से जो उनके खिलाफ बोलता है वो आप सुन कर आश्चर्य में पड़ जाएंगे क्योंकि ये नेता जैसे आपको देखता है पैर छू लेता है और आपके जाते आपकी जो तारीफ करेगा आप सुन नही पाएंगे ,कई तो इसी आदत के कारण उस नेता के यंहा जाते नही है क्योंकि बात बाजार में फैल गई । इसलिए आशीष सिंह का ये चौपाल चर्चा में है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *