बिलासपुर-छत्तीसगढ़ एंटी करप्शन ब्यूरो ने गौरेला पेंड्रा मरवाही यातायात प्रभारी सूबेदार विकास नारंग को 50हजार रूप रिश्वत के साथ रंगे हाथ पकड़ा है यातायात प्रभारी गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में बसों के संचालन के संबंध में बस मालिक से 60000 रुपए महीना देने का लगातार दबाव दबाव बना रहा था, परेशान होकर बस मालिक ने मामले की शिकायत ने एंटी करप्शन ब्यूरो से की जिसके बाद एसीबी की टीम ने यातायात प्रभारी विकास नारंग को 50हजार रुपये नगद लेते रंगे हाथ पकड़ा….
गौरेला पेंड्रा जिले में यातायात प्रभारी की अवैध वसूली की शिकायत लगातार मिल रही थी, शिकायत के बाद रायपुर के 1 बस संचालक जो अपनी यात्री बसों को गौरेला पेंड्रा मार्ग से होते हुए परिचालन कराना चाहते थे, जिस के संबंध में यातायात प्रभारी सूबेदार विकास नारंग द्वारा बस मालिक से 60 रुपये देने का दबाव बनाया जा रहा था साथ ही ट्रैफिक टी आई द्वारा धमकी दी जा रही थी कि महीना नही देने पर गाड़ी जप्त कर ली जाएगी साथ ही ऐ लगातार उस्की बसों को चालान काटने की धमकी दे रहे थे ,जिसकी शिकायत बस मालिक ने ईओडब्ल्यू /एंटी करप्शन ब्यूरो रायपुर छत्तीसगढ़ के निदेशक आरिफ शेख से कर दी गई ,उनके निर्देशन पर पंकज चंद्रा पुलिस अधीक्षक एंटी करप्शन ब्यूरो के नेतृत्व में श्रीमती अमृता सौरी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एंटी करप्शन ब्यूरो के निर्देश पर एसीबी यूनिट बिलासपुर की टीम ने गुरुवार के बड़ी कार्यवाही करते हुए रिश्वत की मांग करने वाले सूबेदार यातायात प्रभारी जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही विकास नारंग एवं उसके निजी साथी को रंगे हाथों रिश्वत लेते पकड़ा है …. प्रार्थी ने एसीबी से शिकायत की थी कि उसके द्वारा पेंड्रा क्षेत्र में बसों का संचालन किया जा रहा है, उसकी बसों को यातायात प्रभारी गौरेला पेंड्रा मरवाही द्वारा बेवजह चालान काटने की कार्यवाही की जा रही है, इस संबंध में यातायात प्रभारी द्वारा मोटर मालिक से लगातार मिलकर बसों का संचालन करें ऐसा दबाव बना रहे थे, जिसके लिए 60 हजार रुपये महीना मांग की जा रही थी, जिसकी शिकायत का सत्यापन किया गया प्रार्थी और आरोपी के मध्य 50हजार रुपये की सहमति बनी थी, शिकायत सत्यापन होने के बाद 17 फरवरी 2022 को आरोपी विकास नारंग पिता भागवत नारंग उम्र 36 वर्ष यातायात प्रभारी गौरेला पेंड्रा मरवाही एवं उसके साथी भरत पनिका पिता दीपचंद पनिका उम्र 40 वर्ष निवासी अमरपुर जिला गौरेला पेंड्रा मरवाही को प्रार्थी से मांगी गई रिश्वत कुल रकम 50 हजार रुपये के बताए स्थान अमरपुर स्थित ढाबा के सामने पकड़ा गया, आरोपियों के विरुद्ध धारा 7 (क)12 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1998 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर उनके विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्यवाही कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जाएगा, छत्तीसगढ़ में यह पहली कार्यवाही माना गया है जिसमें एसीबी की टीम ने पुलिस को पकड़ा
