बिलासपुर- हाई कोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा एवम् नव पदस्थ न्यायाधीश दीपक कुमार तिवारी की युगलपीठ ने याचिककर्ता डेरहा राम पटेल की याचिका में प्रारंभिक सुनवाई करते हुए नवा रायपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी निविदा में याचिकाकर्ता के पक्ष में स्थगन आदेश जारी किया। याचिकाकर्ता डेरहा राम पटेल ने अधिवक्ता भरत गुलाबानी के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी।नवा रायपुर विकास प्राधिकरण क्षेत्र का प्रभावित किसान है ज्ञात हो कि सन 2006 में नया रायपुर विकास प्राधिकरण हेतु पुनर्वास योजना छत्तीसगढ़ शासन ने जारी की थी जिसके बाद सन 2008 में एनआरडीए ने याचिकाकर्ता किसान की जमीन भी सहमति से क्रय की थी उक्त पुनर्वास योजना के अनुसार प्रभावित किसानों को भूमि के रकबे के अनुसार वर्गीकृत कर विभिन्न प्रकार के लाभ देने की बात की गई थी परंतु उक्त पुनर्वास योजना के विपरीत योजना प्रभावित ग्रामीणों को सब्जी बेचने के लिए निर्मित चबूतरे प्रतिस्पर्धी मूल्य पर 2017 में निविदा जारी कर आवंटित किए गए, जिसमें से चबूतरा नंबर 5 याचिकाकर्ता को आवंटित किया गया था जिसे शासन ने बेदखल करते हुए पुनः निविदा प्रकाशित की थी जिससे कि क्षूब्ध होकर याचिकाकर्ता प्रभावित ग्रामीण ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से उच्च न्यायालय के समक्ष याचिका प्रस्तुत की थी, याचिकाकर्ता की उक्त निविदा को अगली सुनवाई तक के लिए स्टेटस को मेंटेन करने का आदेश उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ की कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश प्रशांत मिश्रा एवं नवनियुक्त न्यायाधीश दीपक तिवारी की युगल पीठ द्वारा जारी किया गया।

