जब पुलिस ही पकड़ रही अवैध शराब तो अबकारी विभाग को भारी भरकम वेतन देकर पालने का क्या फायदा।बड़ी मात्रा में एसपी की शराब पुलिस ने पकड़ी।

बिलासपुर- एमपी से शराब की तश्करी रुक नही रही है। सड़क मार्ग से और रेल मार्ग से एमपी से शराब की तश्करी हो रही है।तभी तेली पारा के मनीष कुमार मलघानी चकरभाठा के मकान से शराब का कारोबार कर रहा था। नौकर के माध्यम से शराब बिकवा रहा था।हालांकि चकरभाठा पुलिस ने नौकर सुरेश असरानी को आरोपी बनाया है। मनीष पर कार्यवाई बाकी है।जबकि मनीष पहले भी शराब बेचने के मामले में पकड़ा जा चुका है। 55 पेटी शराब चकरभाठा पुलिस में आरोपी के साथ पकड़ा है।सवाल ये है कि भारी भरकम अबकारी विभाग क्या कर रहा है।मध्यप्रदेश से शराब ला कर नशे के तष्कर लगातार बेच रहे है पुलिस लगातार शराब पकड़ रही है।ऐसे में अबकारी विभाग का क्या मतलब ।लगता है जिला आबकारी अधिकारी का अपने कर्मियों पर कंट्रोल नही है।फील्ड में अबकारी निरीक्षक जा नही रहे है। मामला भी चोरों के कारण पकडाया जो मजे से चोरी की शराब में जश्न मना रहे थे।किसी ने पुलिस को सूचना देकर रंग में भंग कर दिया।अब चोरी की शराब से जश्न मनाने वाले सूचना देने वाले मुखबिर को खोज रहे है।जीपीएम के जिल्रे से पार होकर शराब बिलासपुर पहुंच रही है लेकिन अबकारी को पता नही चल पा रहा है। सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा ,पूरा वेतन लेने के बाद भी अबकारी विभाग के अधिकारी कर्मचारी सरकार पर बोझ हो गए है। सरकार को तो निजी कंपनी की तरह रोज अधिकारी कर्मचारी से वर्क रिपोर्ट लेनी चाहिए उसके हिसाब से वेतन देना चाहिए।तभी सरकारी नौकरी से मोह भंग होगा।

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