स्वतंत्रता दिवस पर मोहला-मानपुर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़ तथा मनेन्द्रगढ़ जिले के गठन की मुख्यमंत्री ने की घोषणा। ,पढ़ने वालों को भी दी राहत

स्वतंत्रता दिवस पर छत्तीसगढ़ की जनता को चार नये जिलों और 18 नई तहसीलों की ऐतिहासिक सौगात

मुख्यमंत्री ने 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित मुख्य समारोह में किया ध्वजारोहण

नामांतरण की प्रक्रिया होगी सरल

महाविद्यालयांे में प्रवेश के लिए आयु-सीमा का बंधन समाप्त

मुख्यमंत्री सस्ती दवा योजना का नामकरण अब श्री धन्वन्तरी योजना

बिजली कंपनियों में 2500 से अधिक कर्मियों की होगी भर्ती

बिलासपुर-मुख्यमंत्री शभूपेश बघेल ने75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश की जनता के नाम अपने संदेश के दौरान प्रदेशवासियों को कई ऐतिहासिक सौगातें दी। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण के सिलसिले को और आगे बढ़ाते हुए छत्तीसगढ़ राज्य में जिलों का पुनर्गठन करते हुए चार नए जिलों चार नये जिले ‘मोहला-मानपुर’, ‘सक्ती’, ‘सारंगढ़-बिलाईगढ़’ तथा ‘मनेन्द्रगढ़’ के गठन की ऐतिहासिक घोषणा की। उन्होंने राज्य में 18 नई तहसीलों के गठन का भी ऐलान किया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवासरत लोगों को उनकी काबिज जमीन का हक दिलाने के लिए ‘स्वामित्व योजना’ प्रारंभ की भी घोषणा की।

अमर शहीदों का पुण्य स्मरण
मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने संदेश में कहा कि 15 अगस्त 1947 को हमें आजादी मिली थी और आज के दिन हम 75वां स्वतंत्रता दिवस मना रहे हैं। यह हम सबके लिए बहुत सौभाग्य की बात है।

शहादत हमारी विरासत

मुख्यमंत्री ने कहा कि
हमारे पुरखों और महान नेताओं के संदेश में इतनी ताकत थी कि उनसे हमारे देश के संस्कार गढ़े गए। उन्हीं संस्कारों की बदौलत हम ‘नवा छत्तीसगढ़’ गढ़ रहे हैं। सत्य, अहिंसा, शांति, करुणा, संवेदनशीलता, गरीबों के आंसू पांेछना और कमजोर तबकों को शक्ति देना ही हमारी पहली प्राथमिकता है।

राज्य में संतुलित विकास का प्रयास

लघु वनोपज बन गए वनवासियों की ताकत

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आदिवासी और वन आश्रित परिवारों के जीवनयापन का सबसे बड़ा सहारा वनोपज है, लेकिन पहले तेन्दूपत्ता संग्राहकों को मात्र 2 हजार 500 रुपए प्रति मानक बोरा पारिश्रमिक दिया जाता था, जिसे हमने बढ़ाकर 4 हजार रुपए किया। पहले मात्र 7 लघु वन उपजों को ही न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाता था। हमने 52 लघु वनोपजों को समर्थन मूल्य पर खरीदने की व्यवस्था की है। भारत सरकार द्वारा की गई विस्तृत समीक्षा के हवाले से मैं सिर्फ एक उदाहरण देना चाहता हूं कि छत्तीसगढ़ ने बीते दो वर्षों में 1 हजार 173 करोड़ रुपए की लघु वनोपज खरीदी है, जो कि देश में कुल खरीदी का 74 प्रतिशत है।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि छत्तीसगढ़ के किसानों की जान धान में बसती है, छत्तीसगढ़ के इतिहास में अब तक सबसे बड़ा कीर्तिमान है। ‘राजीव गांधी किसान न्याय योजना’ के तहत पहले वर्ष में 5 हजार 628 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि समर्थन मूल्य पर धान सहित विभिन्न फसलें बेचने वाले किसानों को दी गई है। योजना के दूसरे वर्ष में भी पहली किस्त के रूप में 1500 करोड़ रुपए से अधिक राशि दी जा चुकी है, और मेरा वादा है कि इस वर्ष भी 5 हजार 703 करोड़ रुपए की राशि चार किस्तों में दी जाएगी।
ग्रामीण अंचल में समृद्धि की सूत्रधार बनीं सुराजी गांव योजना

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने संदेश में कहा कि ‘सुराजी गांव योजना’ के माध्यम से ‘नरवा-गरुवा-घुरुवा-बारी’ के संरक्षण और विकास में मिल रही सफलता मील का पत्थर है। इसके विस्तार में ‘गोधन न्याय योजना’ से गौवंश के संरक्षण, गौठान की गतिविधियों को प्रोत्साहन मिला है। जब गोबर के कामकाज से बरसने वाला धन, सवा सौ करोड़ रुपए के पार हो गया है तो आज मैं यह कहना चाहता हूं कि हमने गोबर को गोधन बनाकर दिखा दिया है। मैं दावे के साथ कहता हूं कि गोधन ग्रामीण व शहरी जरूरतमंद तबकों के लिए वरदान साबित होगा। वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट प्लस जैसे नए उत्पाद अब ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि के सूत्रधार बन रहे हैं।
राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि मुझे संतोष है कि देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सालभर होने वाले कार्यक्रमों में जब देश राष्ट्रीय पर्व का उल्लास मनाएगा तो उसमें हमारे छत्तीसगढ़ के वे मजदूर भी शरीक होंगे, जिन्हें ‘राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ का लाभ मिलेगा। इस योजना के तहत लगभग 10 लाख मजदूर भाई-बहनों को 6 हजार रुपए सालाना अनुदान सहायता दी जाएगी।

आबादी भूमि पर निवासरत लोगों को जमीन का हक दिलाने स्वामित्व योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में आबादी भूमि पर निवासरत लोगों को उनकी काबिज जमीन का हक दिलाने के लिए ‘स्वामित्व योजना’ प्रारंभ की जाएगी। भूमि स्वामित्व का अभिलेख मिलने पर बड़ी संख्या में लोग बैंकों से आवासीय ऋण तथा अन्य सुविधाएं प्राप्त कर सकेंगे। हर वर्ग के लोगों का अपनी जमीन, अपना मकान और अपने सिर पर छांव का सपना जल्दी पूरा करने के लिए हमारी सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। छोटे भू-खण्डों की खरीदी-बिक्री और पंजीयन पर पूर्व में लगाई गई रोक एक तरह का अन्याय ही था, जिसे दूर करने के लिए हमने 1 जनवरी 2019 को निर्णय लिया था। आज मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि इस फैसले से मध्यम और कमजोर तबकों के अनेक सपने साकार हुए हैं। इसके कारण 2 लाख 28 हजार भू-खण्डों का पंजीयन कराया जा चुका है। जमीन की गाइडलाइन दरों में 30 प्रतिशत कमी को आगामी एक साल के लिए और बढ़ा दिया गया है।

नामांतरण की प्रक्रिया का होगा सरलीकरण

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राजस्व संबंधी कामकाज की जटिलता से जनता को राहत दिलाने के लिए हमने अनेक कदम उठाए हैं। उन्होंने भूमि के नामांतरण की प्रक्रिया का सरलीकरण किए जाने का ऐलान किया।

कुपोषण तथा एनीमिया से मुक्ति दिलाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने जो सार्वभौम पीडीएस का वादा किया था, उसे भी प्राथमिकता से पूरा किया गया है, जिसके कारण अब प्रदेश में 2 करोड़ 52 लाख लोगों को रियायती दर पर राशन सामग्री दी जा रही है और पीडीएस का कवरेज बढ़कर 99 प्रतिशत हो गया है,
चार नये जिलों और 18 नये तहसीलों के गठन की घोषणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई प्रशासनिक इकाइयों का गठन विभिन्न क्षेत्रों में न्याय की खुशखबरी लेकर आता है। पहले भी हमने 4 नये अनुविभाग और 29 तहसीलें बनाई हैं। 25 तहसीलों के गठन का कार्य शीघ्र पूरा किया जाएगा। उन्होंने राज्य में 18 नई तहसीलों के गठन की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन की सुविधाओं को जनता के अधिक से अधिक निकट लाना हमारा प्रमुख लक्ष्य है, इसलिए मैंने मुख्यमंत्री बनने के 8 माह के भीतर 15 अगस्त 2019 को ‘गौरेला- पेण्ड्रा-मरवाही’ जिला बनाने की घोषणा की थी। नए जिले का शुभारम्भ भी 6 माह के भीतर कर दिया गया था। विकेन्द्रीयकरण के सिलसिले को और आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य में जिलों का पुनर्गठन करते हुए चार नए जिलों ‘मोहला-मानपुर’, ‘सक्ती’, ‘सारंगढ़-बिलाईगढ़’ तथा ‘मनेन्द्रगढ़’ के गठन की घोषणा की।

स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता को शाला स्तर से बढ़ाने हेतु ‘स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना’ के तहत 171 सरकारी स्कूलों का उन्नयन कर इन्हें सर्वसुविधायुक्त बनाया गया है। मुझे खुशी है कि हमारे प्रदेश के बच्चों ने अंग्रेजी मीडियम में शिक्षा की जोरदार ललक दिखाई है। इन स्कूलों में कुल 1 लाख 36 हजार 500 बच्चों ने प्रवेश लिया है, जिसमें से 70 हजार बच्चे अंग्रेजी माध्यम के हैं तथा 66 हजार 500 बच्चे हिन्दी माध्यम के हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह शाला में अधोसंरचना उन्नयन का लाभ अंग्रेजी तथा हिन्दी दोनों माध्यमों के बच्चों को मिल रहा है। हम इस योजना को विकासखण्ड स्तर तक ले जाना चाहते हैं। हमने शिक्षकों का अभाव दूर करने के लिए भी ठोस प्रयास किए हैं, जिसके रास्ते में आई बाधाओं को दूर करते हुए शासकीय स्कूलों में 14 हजार 580 शिक्षक-शिक्षिकाओं को नियुक्ति पत्र देने का काम पूरा किया जा रहा है। वहीं महाविद्यालयों में सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल, क्रीड़ा अधिकारी आदि के 1 हजार 440 पदों पर भी नियुक्ति देने का काम शीघ्र पूरा होगा। इस तरह हम शिक्षा जगत को अनिश्चय तथा आशंकाओं से मुक्ति दिलाते हुए प्रदेश में उद्देश्यपरक सार्थक शिक्षा का वातावरण बना रहे हैं।

महाविद्यालयों में प्रवेश के लिए आयु-सीमा बंधन समाप्त

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि प्रचलित व्यवस्था के अनुसार प्रदेश के महाविद्यालयांे में, स्नातक तथा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयु-सीमा का बंधन है। आज मैं उच्च शिक्षा के लिए आगे बढ़ने वाले युवाओं के हित में आयु-सीमा के इस बंधन को समाप्त करने की घोषणा करता हूं।
स्वास्थ्य सुविधा को बेहतर बनाना हमारा संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि डेढ़ दशकों से छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव दूर करने कामकिया है। हमने गांवों, कस्बों, बसाहटों, पारा-मोहल्लों तक सुसज्जित चलित अस्पताल व शिविरों की सुविधाएं पहुंचाने की व्यवस्था की। ‘मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लीनिक योजना’, ‘मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना’, ‘दाई-दीदी क्लीनिक’ जैसे नवाचारों का लाभ लाखों लोगों को मिला है। ‘डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना’ तथा ‘मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना’ देश की सबसे बड़ी आर्थिक मददगार योजना सिद्ध हुई है।
हमने डॉक्टरों तथा अन्य सुविधाओं की कमी दूर करने हेतु प्राथमिकता से कदम उठाए हैं,
मुख्यमंत्री सस्ती दवाई योजना का नामकरण अब धन्वंतरी योजना

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने अपने संदेश में कहा कि प्रदेश की जनता को रियायती दर पर दवा उपलब्ध कराने के लिए ‘मुख्यमंत्री सस्ती दवा योजना’ नगरीय क्षेत्रों में लागू है। अब यह ‘श्री धन्वन्तरी योजना’ के नाम से जानी जाएगी। ‘कोरोना’ से लड़ने वाले फ्रंट लाइन वारियर्स को मैं सलाम करता हूं, वहीं कोरोना से प्रदेश के जिन लोगों की मृत्यु हुई है, उन्हें सादर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, समस्त शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करता हूं।

16 हजार करोड़ रूपए की लागत से सड़क एवं पुल-पुलिया का निर्माण

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने हर तरह की अधोसंरचना को व्यापक जनहित के नजरिए से देखा है कि अधूरे काम तेजी से पूरे हों और नए काम इस तरह से मंजूर किए जाएं जिससे अधिकाधिक लोगों को लाभ मिले। प्रदेश में 16 हजार करोड़ रूपए की लागत से सड़कों-पुल-पुलियों के निर्माण की कार्ययोजना बनाई गई है

विद्युत कम्पनियों में 2500 कर्मियों की भर्ती

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली के क्षेत्र में भी अधूरी पड़ी योजनाओं के कारण बहुत बड़ा निवेश जनहित में उपयोग नहीं हो पा रहा था और परियोजनाएं ठप्प पड़ी थीं। इसलिए हमने बिजली के क्षेत्र में भी प्राथमिकताएं तय की। हमने अति उच्च दाब पारेषण तंत्र की 500 करोड़ रुपए लागत की परियोजनाएं, वितरण तंत्र की करीब 2 हजार 700 करोड़ रुपए लागत की परियोजनाएं पूरी कराई, जिसका लाभ अब विभिन्न क्षेत्रों को मिलने लगा है। अब नए सिरे से परियोजनाएं बनाई गई हैं, जो प्रगति पर हैं। इनसे प्रदेश में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में और अधिक सुधार तथा स्थायित्व आएगा। ‘हाफ बिजली बिल योजना’ का लाभ 39 लाख 63 हजार लोगों को 1 हजार 822 करोड़ रुपए की बचत के रूप में मिला है। निःशुल्क बिजली प्रदाय योजना का लाभ 6 लाख किसानों तथा 18 लाख बी.पी.एल. उपभोक्ताओं को मिला है। मुझे यह कहते हुए खुशी हो रही है कि हमारी बिजली कंपनियों में विभिन्न पदों पर 2 हजार 500 से अधिक कर्मियों की भर्ती की जा रही है, जिसमें जूनियर इंजीनियर से लेकर मैदानी स्तर पर काम करने वाले लाइन अटेंडेंट के पद शामिल हैं, छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद बिजली कंपनी में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में नियमित भर्ती हो रही है, जिनमें छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को नियुक्ति दी जाएगी। इसमें से 1 हजार 500 लाइन अटेंडेंट पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिए गए हैं। शेष पदों पर भर्ती के लिए प्रक्रिया चल रही है, शीघ्र ही उसके लिए भी विज्ञापन जारी किए जाएंगे।

429 सिंचाई परियोजनाएं स्वीकृत

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें विरासत में 18 हजार करोड़ रुपए लागत की अधूरी 543 सिंचाई परियोजनाएं मिली थीं, जिनमें से अब 138 परियोजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं और 405 का काम प्रगति पर है। 17 दिसम्बर 2018 के बाद 1 हजार 657 करोड़ रुपए की लागत की 429 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 12 परियोजनाएं पूर्ण कर ली गई हैं तथा 417 परियोजनाएं भी शीघ्रता से पूरी करने हेतु जोर दिया जा रहा है। मैं बताना चाहता हूं कि आगामी दो वर्षों में भाटापारा शाखा नहर, प्रधानपाठ बैराज, खरखरा मोहदीपाट, जोंक व्यपवर्तन सिंचाई परियोजनाओं का लाभ भी मिलना शुरू हो जाएग
राज्य में 18 हजार 492 करोड़ रुपए का पंूजीनिवेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के संसाधनों से राज्य में ही वेल्यू एडिशन के लिए जो भी व्यक्ति या संस्था आएंगे, उन सबका हार्दिक स्वागत है। मुझे यह कहते हुए खुशी है कि हमारी भावना निवेशकों तक सही अर्थों में पहुंची है, जिसके कारण विगत ढाई वर्षों में प्रदेश में 18 हजार 492 करोड़ रुपए के पंूजीनिवेश से 1 हजार 145 नए उद्योग स्थापित हुए हैं और 28 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। मैं बताना चाहता हूं कि वृहद उद्योगों में 51 हजार करोड़ रुपए से अधिक पूंजीनिवेश करने के लिए बडे़ महत्वपूर्ण एमओयू भी हुए हैं, जिनमें लगभग 72 हजार स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलना प्रस्तावित है। सरकारी, अर्धसरकारी, निजी, नगरीय-ग्रामीण-वन जैसे हर क्षेत्र में हमने नए रोजगार के अवसर बनाए हैं। नियमों को शिथिल करते हुए अनेक लोगों को अनुकम्पा नियुक्ति दी गई है। तृतीय लिंग समुदाय के लोगों को पुलिस में भर्ती किया गया है। विभिन्न उपायों से बेरोजगारी दर को 22 प्रतिशत से घटाकर 3 प्रतिशत तक लाने में सफलता मिली है, यह एक स्वतंत्र एजेंसी का आकलन है।

बस्तर फाइटर्स बटालियन के तहत 2 हजार 800 नक्सलव‘बस्तर फाइटर्स’ बटालियन के तहत 2 हजार 800 नए पदों पर भर्ती की जाएगी। नक्सल प्रभावित जिलों में 63 सुदृढ़ पुलिस थाना भवनों का निर्माण किया जा रहा है। पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए कार्ययोजना मंजूर की गई है।

डायल 112 अब पूरे प्रदेश में

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने कहा कि ‘डायल 112’ सेवा की उपयोगिता को देखते हुए इसका विस्तार अब पूरे प्रदेश में किया जाएगा। पुलिस बल को तनाव मुक्त रखने और जन-सरोकारों के लिए अधिक जागरूक करने हेतु कई कदम उठाए गए हैं

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