अमानक और बिना पंजीयन चल रहे खाद्य प्रतिष्ठानों पर छापा, भारी मात्रा में खाद्य सामग्री नष्ट
बिलासपुर, |, कलेक्टर के निर्देशानुसार जिला प्रशासन और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की संयुक्त टीम ने जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने और अस्वच्छ माहौल में खाद्य सामग्री तैयार करने वाले कारोबारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई।
प्रमुख कार्रवाई और जप्ती विवरण:
* वीर जायसवाल (मेला पारा, बिलासपुर):
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि यहाँ बिना किसी वैध पंजीयन के अवैध रूप से बताशे का निर्माण किया जा रहा था। निर्माण स्थल पर अस्वच्छकर दशा पाए जाने पर मौके पर मौजूद 110 किलोग्राम बताशा का तत्काल विनष्टीकरण (नष्ट) कराया गया और संबंधित फर्म को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया।
* उधमदास खेमचंद मिठाई वाल (चकरभाठा, बिलासपुर):
इस प्रतिष्ठान के किचन की जाँच के दौरान अखाद्य रंग (Non-food grade color) का उपयोग किया जाना पाया गया। जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ को देखते हुए 22 किलोग्राम बूंदी को मौके पर ही नष्ट कराया गया।
* अन्य निरीक्षण और नमूना संग्रह:
* चिंगराज पारा: यहाँ स्थित एक अन्य बताशा निर्माण फर्म का निरीक्षण किया गया, जहाँ निरीक्षण के समय निर्माण कार्य बंद पाया गया।
* नमूना जाँच: विभाग की टीम द्वारा अन्य संदिग्ध फर्मों से बेसन के लड्डू और बताशा के मानक नमूने (Samples) लेकर गुणवत्ता की जाँच हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जाँच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगामी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई करने वाली टीम:
इस पूरी कार्रवाई में खाद्य विभाग के निम्नलिखित अधिकारी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
आर. आर. देवांगन (अभिहित अधिकारी)
खीरसागर पटेल (वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी)
सुश्री अविषा मरावी (खाद्य सुरक्षा अधिकारी)
प्रतीक तिवारी (खाद्य सुरक्षा अधिकारी)
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मिलावटखोरों और आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ बिलासपुर जिले में यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।