
रेंज साइबर थाने की ताबड़तोड़ कार्रवाई
साइबर वित्तीय अपराध में म्यूल बैंक खातों का उपयोग करने वाले गिरोह का भंडाफोड़
06 आरोपी गिरफ्तार — विभिन्न राज्यों से 50 साइबर अपराध संबंधी शिकायतें सामने आईं
शिकायतों में लगभग ₹4 करोड़ की वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित जानकारी
बिलासपुर रेंज साइबर थाना की महत्वपूर्ण कार्रवाई
बिलासपुर रेंज साइबर थाना द्वारा साइबर वित्तीय अपराधों में प्रयुक्त म्यूल बैंक खातों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए कुल 06 आरोपियों को गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।
प्रकरण की जांच में सामने आया कि आरोपीगण कमीशन के लालच में बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर अपराध से संबंधित धनराशि के लेन-देन के लिए अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराते थे। इन बैंक खातों के माध्यम से साइबर अपराध से प्राप्त धनराशि को प्राप्त करने, हस्तांतरित करने तथा ऑनलाइन वित्तीय अपराध में उपयोग किए जाने के तथ्य सामने आए हैं।
गिरफ्तार आरोपीगण
1. अजय कुमार सोनी पिता भागीरथी सोनी, उम्र 36 वर्ष, निवासी रामनगर टिकरीपारा, तखतपुर, जिला बिलासपुर (छ.ग.)
2. अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू पिता सुभाष डेनियल, उम्र 49 वर्ष, निवासी पटेलपारा भथरी, थाना जरहागांव, जिला मुंगेली (छ.ग.)
3. भास्कर कश्यप पिता जोगेन्द्र कश्यप, उम्र 42 वर्ष, निवासी मकान नंबर EWS-60, दीनदयाल कॉलोनी मंगला, थाना सिविल लाइन, जिला बिलासपुर (छ.ग.)
4. नरेन्द्र कुर्रे पिता थनवार लाल कुर्रे, उम्र 35 वर्ष, निवासी बस्ती बाराद्वार, कमहा मोहल्ला, पुराना नौधा चौक के सामने, थाना बाराद्वार, जिला सक्ती (छ.ग.)
5. आशीष तिवारी पिता गिरजा शंकर तिवारी, उम्र 36 वर्ष, निवासी मकान नं. M-29, पंप हाउस कॉलोनी, थाना सीएसईबी चौक, जिला कोरबा (छ.ग.)
6. देवेश कुमार दास उर्फ रोबिन पिता कुंदन कुमार दास, उम्र 26 वर्ष, निवासी मकान नंबर 2/32, गिट्टी खदान रोड, कटोरा तालाब रोड, थाना सिविल लाइन, जिला रायपुर (छ.ग.)
प्रकरण में छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक, शाखा-मंगला में संचालित एक बैंक खाते में बड़ी मात्रा में संदिग्ध राशि के लेन-देन की जानकारी प्राप्त होने पर अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।
जांच में पाया गया कि अजय फार्म हाउस के नाम से संचालित बैंक खाते में दिनांक 18.05.2026 से 12.06.2026 के मध्य मात्र 25 दिनों में कुल ₹2,20,68,443/- की संदिग्ध राशि का हस्तांतरण हुआ।
बैंक खाते के स्टेटमेंट, अकाउंट ओपनिंग फॉर्म, KYC दस्तावेज एवं अन्य बैंकिंग अभिलेखों के परीक्षण से खाते के साइबर वित्तीय अपराध में उपयोग किए जाने के महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए।
विवेचना को आगे बढ़ाते हुए बैंकिंग लेन-देन, तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल नंबर, विभिन्न बैंक खातों एवं आरोपियों के आपसी संपर्कों का विश्लेषण किया गया। इसी क्रम में एक-एक कर कुल 06 आरोपियों की भूमिका सामने आई, जिन्हें गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई की गई।
गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका
1. आरोपी अजय कुमार सोनी
आरोपी अजय कुमार सोनी द्वारा अजय फार्म हाउस के नाम से बैंक खाता खुलवाया गया तथा उसमें नेट बैंकिंग के लिए मोबाइल नंबर लिंक कराया गया।
विवेचना में सामने आया कि अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू के माध्यम से आरोपी का संपर्क बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले अन्य व्यक्तियों से हुआ। आरोपी द्वारा अपना बैंक खाता एवं खाते से संबंधित जानकारी/सामग्री अन्य व्यक्तियों को उपलब्ध कराई गई तथा इसके बदले कमीशन प्राप्त किया गया।
आरोपी के बैंक खाते में दिनांक 18.05.2026 से 12.06.2026 के मध्य ₹2.20 करोड़ से अधिक की संदिग्ध राशि का लेन-देन पाया गया।
आरोपी के बताए अनुसार मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस एवं विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड सहित अन्य सामग्री जब्त की गई।
2. आरोपी अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू
आरोपी अभिलाष कुमार डेनियल उर्फ चिंटू द्वारा नरेन्द्र कुर्रे के माध्यम से बैंक खाते उपलब्ध कराने के बदले ₹20,000/- कमीशन प्राप्त होने की बात सामने आई।
आरोपी ने अपने परिचित अजय कुमार सोनी को बैंक खाता खुलवाने के लिए तैयार किया। इसके बाद बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले व्यक्तियों से संपर्क स्थापित कराया गया।
विवेचना में आरोपी द्वारा बैंक खाता उपलब्ध कराने तथा उसके बदले कमीशन प्राप्त करने की भूमिका सामने आई है।
आरोपी के मोबाइल फोन एवं अन्य बैंकिंग सामग्री को भी विवेचना में जब्त किया गया है।
3. आरोपी भास्कर कश्यप
आरोपी भास्कर कश्यप ने अजय कुमार सोनी के कहने पर छत्तीसगढ़ ग्रामीण बैंक में अपना बैंक खाता खुलवाया।
उसे बताया गया था कि उक्त बैंक खाते का उपयोग साइबर धोखाधड़ी से संबंधित लेन-देन के लिए किया जाएगा तथा इसके बदले ₹20,000/- कमीशन प्राप्त होगा।
आरोपी द्वारा अपना बैंक खाता अन्य व्यक्ति को उपलब्ध कराया गया। जांच में उसके बैंक खाते के विरुद्ध विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में साइबर अपराध संबंधी शिकायतें दर्ज होना पाया गया।
4. आरोपी नरेन्द्र कुर्रे