जीरम घाटी घटना में नया जांच आयोग बनाने के खिलाफ लगी धरमलाल कौशिक की जनहित याचिका पर सुनवाई दो सप्ताह के लिए बढ़ी।

बिलासपुर भूपेश बघेल सरकार के द्वारा बनाए गए इस जांच आयोग के खिलाफ तब के भाजपा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने जनहित याचिका लगाकर रोक लगाने की मांग की थी।

कौशिक का कहना था कि इस पर जांच आयोग पहले जांच कर चुका है तथा और जांच की जरूरत नहीं है।

वहीं राज्य सरकार और झीरम घटना में प्रभावित व्यक्तियों के परिवारों की ओर से अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने हस्तक्षेप याचिका लगाकर धरम लाल कौशिक की याचिका का विरोध किया था।

जांच आयोग अधिनियम के तहत राज्य या केंद्र सरकार को आयोग बनाने का अधिकार है और किसी आयोग की रिपोर्ट से अगर वह संतुष्ट नहीं हो तो नया आयोग बना सकता है।

प्राथमिक सुनवाई के बाद धरमलाल कौशिक के पक्ष में मामले में स्टे हो गया था इसके कारण नया जांच आयोग कार्य शुरू नहीं कर पाया।

आज प्रकरण सुनवाई के प्राथमिक सुनवाई चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की खंडपीठ के समक्ष लगा था परंतु चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा के रिटायरमेंट का दिन को देखते हुए खंडपीठ ने प्रकरण की सुनवाई को दो सप्ताह के लिए बढ़ा दिया गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *