जैतपुरी मस्तूरी जहाँ पर सरकारी गौधाम योजना के अंतर्गत गौवंश पशु पालन विभाग द्वारा संचालित गौशाला में भेजे गए गोवंश मेसे
गोवंश ६-७ मर रहे थे इसके पीछे का कारण ये है कि आज बिलासपुर सिटी में गौ वंश नगर निगम पकड़ कर सरकारी गौशाला गौ धाम योजना के अंतर्गत गौशाला में शिफ्ट करवा रही है!!
ठुस ठूस भरने का कार्य पशु पालन विभाग कर रहा है इनका टारगेट केवल सिटी से केवल गाय हटाना ही है इसके अलावा ना तो कोई भी पशु चिक्सिका अधिकारी गौ धाम विजिट करता है ना ही कोई अधिकारी वहाँ पर जाता इसके पहले भी
मुख्यमंत्री जी द्वारा उद्घाटन गौ धाम लखासार का हाल देखा गया है की वहाँ अत्यधिक गौ वश भरे गए जिस कारण मौत हुई थी और उसके बाद नगर निगम के गौ धाम मोपका में भी वही हाल हुआ था की रोज नगर निगम में शिकायत आ रही है की व्हा अध्यधिक गौ वंश भरने से मौत हो रही है
इस विषय पर संज्ञान लेते हुए कार्यवाही की माँग मस्तूरी के गौसेवकों ने की है और कीचड़ में फँसे गौ वंश जो मरण अवस्था में है उन्हें उपचार के लिए बिलासपुर गौ सेवा धाम स्फीट किया गया है !!
इस विषय पर गौ सेवक विपुल शर्मा ने कहा कि सबसे पहले तो पशु पालन विभाग के जुमेदार अधिकारियो को बर्खास्त किया जाए ये तीसरी घटना हो गई है जब से ये योजना शुरू हुई है और इसकी जांच तक नहीं कराई जाती है!!
ना ही दोषी अधिकारियों पर कार्यवाही होती है जब किसी को गौ पालन का कोई अनुभव नहीं है तो उसे गौ धाम योजना से क्यो जोड़ा जाता है और जब उस गौ धाम में गायों को रखने की पर्याप्त व्यवस्था नही होती है तो उस स्थान पर क्यों अधिक गौ माता को भरा जाता है !
योजना के नाम पर अधिकारी केवल गौ हत्या कर रहे हैं २० लाख शेड बनाने के लिए और चारवाहे के १० हजार और डॉकटर के १० हज़ार सेलरी देने की बात करने वाली पशु पालन विभाग योजना में धांधली कर रही है!!
इसमें पशु पालन मंत्री जी को और मुख्यमंत्री जी को संज्ञान लेना चाहिए!!
कोई भी योजना लागू करे तो एसी में बैठे अधिकारियों की सलाह पर अमल ना करें जो धरातल पर कार्य करने वाले लोग उनसे जुड़े ताकि गौ संरक्षण हो सकें गौ हत्या नहीं
रोज मरते गौ माता को इंसाफ दिलाने मिले और गौ धाम कम से कम ५ वर्ष के अनुभवी व्यक्ति को ही दिया जाए नहीं तो ये दृश्य हर सरकारी गौ धाम का हो जाएगा !
इस विषय पर पशु पालन विभाग के अधिकारियों को बर्खास्त करने की मांग करते हुए योजना को सुधारने की मांग करते हैं!!!