एवीएम न्यू सैनिक स्कूल में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, तनाव प्रबंधन एवं आत्मविश्वास निर्माण पर प्रेरक सत्र का आयोजन।

“सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास और मानसिक संतुलन ही सफलता की वास्तविक कुंजी”

बिलासपुर। विद्यार्थियों के समग्र विकास, मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता एवं भावनात्मक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आधारशिला विद्या मंदिर न्यू सैनिक स्कूल में एक विशेष प्रेरक एवं मार्गदर्शन सत्र का आयोजन किया गया। प्रातःकालीन सभा के उपरांत आयोजित इस कार्यक्रम में **ब्रह्मा कुमारीज संस्था** के सहयोग से प्रख्यात लेखक, मानसिक स्वास्थ्य परामर्शदाता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता विशेषज्ञ एवं प्रेरक वक्ता  हितेश टुटेजा** ने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को संबोधित किया।

अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में श्री टुटेजा ने मानसिक एवं भावनात्मक स्वास्थ्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, आत्मविश्वास निर्माण, सकारात्मक सोच, आत्म-जागरूकता एवं जीवन मूल्यों के व्यावहारिक आयामों से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी युग में केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि मानसिक संतुलन, भावनात्मक दृढ़ता और सकारात्मक दृष्टिकोण भी सफलता के लिए समान रूप से आवश्यक हैं।

श्री टुटेजा ने विभिन्न प्रेरणादायक एवं जीवनोपयोगी कहानियों के माध्यम से विद्यार्थियों को सही और गलत के बीच अंतर समझने की सीख दी। उन्होंने बताया कि जीवन में लिए गए छोटे-छोटे निर्णय व्यक्ति के चरित्र, व्यक्तित्व एवं भविष्य का निर्माण करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन एवं सोशल मीडिया के अत्यधिक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए कहा कि तकनीक का उपयोग आवश्यकता और सीखने के लिए होना चाहिए, न कि उसकी लत विकसित करने के लिए।

उन्होंने विद्यार्थियों को ध्यान (मेडिटेशन), खेलकूद, योग, पुस्तक पठन, संगीत, कला एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियाँ मानसिक तनाव को कम करने, एकाग्रता बढ़ाने, आत्मविश्वास विकसित करने तथा जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रतिदिन कुछ समय आत्मचिंतन एवं मेडिटेशन के लिए निकालने की सलाह दी, जिससे वे मानसिक रूप से अधिक सशक्त, शांत एवं संतुलित बन सकें।

 हितेश टुटेजा अपनी बहुचर्चित पुस्तकों “The Space Between Thoughts” तथा “When Words Are Not Enough” के लेखक हैं। वे Happiness Museum एवं A Beautiful Mind जैसे मंचों के संस्थापक हैं, जो युवाओं एवं पेशेवरों के मानसिक स्वास्थ्य, आत्म-विकास और भावनात्मक कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। अपने अनुभवों एवं जीवन प्रसंगों के माध्यम से उन्होंने विद्यार्थियों को वर्तमान में जीने, अपने जीवन का उद्देश्य पहचानने तथा सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने मानसिक तनाव, परीक्षा की तैयारी, आत्म-प्रबंधन, लक्ष्य निर्धारण, संबंधों एवं व्यक्तिगत विकास से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। श्री टुटेजा ने सरल एवं संवादात्मक शैली में उनके प्रश्नों के उत्तर देते हुए राजयोग ध्यान, आत्मचिंतन, सकारात्मक आत्म-संवाद एवं संतुलित जीवनशैली के महत्व को समझाया।

कार्यक्रम के दौरान श्री टुटेजा ने शिक्षकों को भी विशेष रूप से संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाले व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण के प्रमुख मार्गदर्शक होते हैं। इसलिए उनका मानसिक एवं भावनात्मक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक स्वयं प्रसन्न, सकारात्मक एवं मानसिक रूप से संतुलित रहते हैं, तभी वे अपने परिवार तथा विद्यार्थियों दोनों को प्रभावी एवं सार्थक मार्गदर्शन प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने शिक्षकों को नियमित ध्यान, सकारात्मक चिंतन एवं कार्य-जीवन संतुलन बनाए रखने की सलाह दी, जिससे वे स्वयं भी स्वस्थ एवं प्रसन्न रहें और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकें।

विद्यालय के चेयरमैन डॉ. अजय श्रीवास्तव ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों का जीवन प्रतिस्पर्धाओं से भरा हुआ है, जो कहीं न कहीं उनके जीवन को तनावपूर्ण बनाता है। ऐसे में विद्यार्थियों को तनावमुक्त कर सकारात्मक जीवनशैली की ओर ले जाना हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के मानसिक एवं भावनात्मक विकास के लिए समय-समय पर ऐसे प्रेरणादायी एवं सकारात्मक सत्रों का आयोजन करता रहेगा।

विद्यालय के डायरेक्टर  एस. के. जनास्वामी ने कहा कि विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य उनकी संपूर्ण जीवनशैली, व्यवहार एवं सफलता को प्रभावित करता है। इसलिए प्रत्येक विद्यार्थी को तनावमुक्त, आत्मविश्वास से पूर्ण तथा सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से सत्र में प्राप्त सीख को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती जी. आर. मधुलिका ने अतिथि वक्ता का स्वागत करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायक सत्र विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास निर्माण एवं भावनात्मक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने ब्रह्मा कुमारीज संस्था एवं श्री हितेश टुटेजा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु अकादमिक उत्कृष्टता के साथ-साथ मानसिक, भावनात्मक एवं नैतिक विकास को भी समान महत्व देता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विद्यार्थी सत्र से प्राप्त सीख को अपने जीवन में अपनाकर मानसिक रूप से अधिक सशक्त, संतुलित एवं जिम्मेदार नागरिक बनेंगे।

इस अवसर पर ब्रह्मा कुमारीज संस्था की सदस्य समीक्षा दीदी ने विद्यार्थियों को नशामुक्त एवं मूल्यपरक जीवन जीने की शपथ दिलाई। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मसंयम, सकारात्मक सोच एवं आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में ब्रह्मा कुमारीज संस्था के अन्य सदस्य श्री मनोज आहूजा एवं अमर भाई भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने इस सत्र को अत्यंत उपयोगी, प्रेरणादायक, ज्ञानवर्धक एवं जीवनोपयोगी बताया। यह आयोजन विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य, सकारात्मक सोच, आत्मविश्वास, भावनात्मक सशक्तिकरण तथा समग्र व्यक्तित्व विकास की दिशा में विद्यालय द्वारा उठाया गया एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कदम सिद्ध हुआ।

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