बिलासपुर , वेदांता की घटना में 24लोगो की मौत हो गई पर शासन ने जांच के बाद लापरवाह अनिल अग्रवाल समेत दस के खिलाफ मामला दर्ज किया गया , जांच के बाद शासन ने तत्काल जांच के आदेश दिए जांच में प्लांट प्रबंधन की ज्यादा उत्पादन के लिए मजदूरों को झोंकने का मामला सामने आया है, विष्णु देव की सरकार जोरो टॉलरेंस पर चल रही , सरकार की कार्यशैली के कारण वेदांत में लोगो ने आंदोलन नहीं किया , पीएम से लेकर सीएम तक सबने मदद की प्लांट प्रबंधन ने भी राशि दी , लेकिन जान की क़ीमत नहीं है, भाजपा की विष्णु सरकार ने बताया कि कानून बड़े छोटे के लिए समान है, लापरवाह उद्योपति अनिल अग्रवाल के खिलाफ़ भी मामला दर्ज किया, मजदूरों की जान जाने से नहीं बड़े लोगों को तब फर्क पड़ता है जब खुद के जान पर बन आती है , नवीन जिन्दल और किरण बेदी का अनील अग्रवाल के समर्थन में और सरकार के विरोध में बयान बताता है कि मजदूरों के प्रति उनके परिवार के प्रति इनकी भावना क्या है, उद्योगपति के लिए एक अफसर का बयान बताता है कि कुछ घाल मेल इनके बीच है ,ये दोनों एक तरह से मज़दूरों को भड़काने और सरकार के क्रिया कलाप पर प्रश्न उठा रहे है। सरकार को दोनों के बयान को लेकर विचार करना चाहिए कंही अनिल अग्रवाल के बहाने प्रदेश में जनता को भड़काने की इनकी योजना तो नहीं इनके खिलाफ भी मामला बने। हमारी विष्णु देव सरकार के क्रियाकलाप पर आखिर इनको कैसे हक बनता है आरोप लगाने का।।
