संबंधों में जीते है , संबंधों को कैसे जिए इसकी पाठशाला है सांसद बृजमोहन अग्रवाल, पीएचडी करने के विषय है बृजमोहन का राजनीतिक जीवन।

 बिलासपुर,किसी नेता की लोकप्रियता उसके संबंधों से आंकी जाती, बृजमोहन अग्रवाल संबंधों के जीते जागते एक मिशाल है , पीएचडी करने लायक है सांसद बृजमोहन का राजनीतिक जीवन, सफलता के शिखर पर अपनी मेहनत से पहुंचे बृजमोहन कभी तीन पहिया रिक्शे में दिन भर भारतीय जनता पार्टी का  धूप में प्रचार करते रहते थे व ब्रजमोहन अग्रवाल धरातल पर पराक्रम से काम करने के कारण पार्टी के इस समर्पित सिपाही के पास संवाद और संबंध के कारण एक बर्डी टीम है और उस बड़ी टीम के संबंधों को निभाना हर किसी के बस की बात नहीं है।

दिल्ली से लेकर प्रदेश के हर कोने में उनके समर्थक है जो  किसी भी निमंत्रण में देर रात तक तक टक टकी लगाए रहते है , उनके स्टाफ से लेकर खुद बृजमोहन अग्रवाल फोन उठाते है ये एक बड़ी बात है, या वापस फोन करते , जबकि कई ऐसे पुराने और नए नेता है जिनमे सत्ता की गर्मी अभी से आ गई है,कार्यकर्ता से जोर से बात करते है काम नहीं करते हैं, न फोन उठाते है, दर असल ब्रजमोहन कार्यकर्ता से सीधे जुड़े है जमीन के नेता है ,पार्टी को मजबूत करने वाले नेता है।

आज के नेता केवल मोदी के भरोसे से पार्टी के लिए है , जनता के बीच अपना भरोसा कायम नहीं कर पा रहे है,अपनी मर्जी से कुछ अच्छा और सहज संवाद लोगो और कार्यकर्ता से नहीं करते, पता नहीं किस बात का भय रहता है , न शांतिपूर्वक अपने कार्यकर्ता से मिलते है , इतनी हड़बड़ी  अपने लोगो से और कार्यकर्ता से मिलते है जैस छत्तीसगढ़ के नहीं अमेरिका के मंत्री हो उनको तुरत अमेरिका निकलना हो, पुराने मंत्रीयो का तो पैर जमीन में नहीं था, कार्यकर्त्ता और जनता का मजाक उड़ाते रहे, मिलते तक नहीं थे फोन आज भी नहीं उठते।

सरलता ही सफलता का पाठ है , बृजमोहन अग्रवाल इसी की पाठशाला है , तमाम तरह की दुश्वारियों के बीच वो अपने पुराने लोगों से मिलना जुलना नहीं छोड़ते , शादी ब्याह, मरनी, धार्मिक आयोजन में बुलावे पर हमेशा पहुंचते है,

कुछ पुराने मंत्री तो जनता से नौकरों की तरह व्यवहार करते थे ये पार्टी के लोग भी जानते हैं, प्रदेश भर में अपने चाहने वालों के बीच ब्रजमोहन समय निकाल कर जरूर पहुंचते है है और चाहने वाले इंतजार भी करते है, आज भी संबंधों के कारण ही उनके निवास पर लोग पहुंचते है और सांसद पूछते है कैसे आए हो क्या काम है तो लोगो और कार्यकर्ता का जवाब बस भैया ऐसे ही मिलने आ गया। लोगो से जुड़ने के साथ उनके व्यवहार से लोगो उनके करीब चले आते है  बृजमोहन जिसको निभाते भी है , राजनीति में दुसरा बृजमोहन नहीं हो सकता ब्रजमोहन होना कठिन काम है, व्यवहार से लोगो के दिलों में राज करता है पीठ पीछे किसी नेता की तारीफ हो तो समझ लेना कुछ है वरना यूंही कोई किसी के कसीदे नहीं पढ़ता। बिलासपुर दौरे के बृजमोहन सीताराम बाबा से मिले अपनेर समर्थकों के घर गए पूर्व मंत्री मूलचंद खंडेलवाल की पत्नी से मिलने गए उनका हालचाल जाना और अच्छे स्वास्थ की कामना की,

बृजमोहन हर साल सीताराम बाबा से मिलना भूलते नहीं इसी तरह अपने लोगो से मिलना भूलते नहीं संबंधों में जीने की आदत है सांसद बृजमोहन अग्रवाल को इसको वो अनमोल और ईश्वर का आशीर्वाद मानते है और कहते है कि भगवान ने उनको इसी काम के लिए भेजा है और वो इसे भगवान का आदेश मानकर करते रहते हैं,

ब्रजमोहन अग्रवाल का राजनीति जीवन  पीएचडी के लायक है कैसे राजनीतिe अपनी उपस्थिति अपने काम से स्थापित की जा सके इसकी जीती जागती मिशाल ही राजनीति को कैरियर बनाने वाले युवाओं को इस पर पीएचडी करनी चाहिए, संबंधों को निभाने अपने से मिलने जाना इसमें कितनी ऊर्जा मिलती है ये केवल आपस में मिलने वाले ही समझ सकते है।इसे शब्दों में बयां कर न मुश्किल हैं

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