
*बजट की आलोचना: एक नज़रिया*
यह बजट आम आदमी के लिए निराशाजनक है। सरकार ने आम आदमी की उम्मीदों को नजरअंदाज किया है।
*टैक्स में राहत नहीं*
बजट में टैक्स में कोई राहत नहीं दी गई है, जिससे आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ेगा। सरकार को आम आदमी की जरूरतों को ध्यान में रखकर टैक्स में राहत देनी चाहिए थी।
*महंगाई बढ़ेगी*
पेट्रोल और डीजल की कीमतें पहले से ही आसमान छू रही हैं, और अब बजट में कोई राहत नहीं मिलने से आम आदमी की मुश्किलें और बढ़ेंगी। सरकार को महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए थे।
*रोजगार के अवसर नहीं*
बजट में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए कोई ठोस योजना नहीं है, जिससे बेरोजगारी और बढ़ेगी। सरकार को युवाओं को रोजगार देने के लिए विशेष प्रयास करने चाहिए थे।
*शिक्षा और स्वास्थ्य पर कम खर्च*
बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य पर खर्च कम किया गया है, जिससे आम आदमी की शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी। सरकार को शिक्षा और स्वास्थ्य पर अधिक खर्च करना चाहिए था।
*कृषि और ग्रामीण विकास की अनदेखी*
बजट में कृषि और ग्रामीण विकास के लिए कोई विशेष योजना नहीं है, जिससे किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। सरकार को कृषि और ग्रामीण विकास पर अधिक ध्यान देना चाहिए था।
