
बजट 2026 “SANKALP” पर सुझावात्मक एवं आलोचनात्मक प्रतिक्रिया
बिलासपुर,Chhattisgarh सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट 2026 “SANKALP” पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि बजट में कुछ घोषणाएँ स्वागतयोग्य हैं, किन्तु यह बजट ग्रामीण, आदिवासी एवं वंचित वर्गों की मूल अपेक्षाओं को पूर्ण रूप से संबोधित नहीं करता।
उन्होंने कहा कि कोटा विधानसभा क्षेत्र ST एवं SC बहुल क्षेत्र है, जहाँ विकास की प्राथमिकता शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सांस्कृतिक संरक्षण होना चाहिए था।
🔹 कोटा क्षेत्र से जुड़े प्रमुख मुद्दे
रतनपुर का संरक्षण एवं विकास
प्राचीन राजधानी एवं “तालाबों का शहर” के रूप में प्रसिद्ध Ratanpur के ऐतिहासिक तालाबों और धरोहरों के संरक्षण हेतु विशेष पैकेज की आवश्यकता है।
सांस्कृतिक केंद्र की स्थापना
क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए Bharat Bhawan की तर्ज पर सांस्कृतिक परिसर स्थापित किया जाना चाहिए था।
माँ महामाया विश्वविद्यालय की मां
शक्ति पीठ Mahamaya Temple के नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना से शिक्षा और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
खेल परिसर की स्थापना
शिवतराई क्षेत्र से राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी उभर रहे हैं तथा कबड्डी अत्यंत लोकप्रिय है। कोटा में आधुनिक खेल परिसर हेतु बजट प्रावधान किया जाना चाहिए।
पर्यटन विकास
Pendra, Belgahana एवं आसपास के वन क्षेत्रों को इको-टूरिज्म के रूप में विकसित करने हेतु पूरक बजट की मांग की जाएगी।
🔴 बजट की प्रमुख कमियाँ
नए पदों की भर्ती का उल्लेख नहीं
शासकीय विभागों में रिक्त पदों की भर्ती हेतु कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की गई है, जिससे युवाओं में निराशा है।
मितानिन एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि नहीं
जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएँ देने वाली मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि न होना निराशाजनक है।
बेरोजगारी भत्ता का कोई उल्लेख नहीं
प्रदेश के लाखों शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए बेरोजगारी भत्ता या आर्थिक सहायता का प्रावधान नहीं किया गया है।
ग्रामीण बेरोजगारी पर स्पष्ट रोडमैप का अभाव
रोजगार सृजन के ठोस और समयबद्ध कार्यक्रमों की कमी दिखाई देती है।
श्री श्रीवास्तव ने कहा कि Indian National Congress सदन से लेकर सड़क तक जनता के मुद्दों को उठाती रहेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि “SANKALP” केवल घोषणाओं तक सीमित न रहे, बल्कि धरातल पर परिणाम दे।
उन्होंने सरकार से मांग की कि पूरक बजट में कोटा विधानसभा क्षेत्र सहित आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए जाएँ, ताकि विकास वास्तव में समावेशी, न्यायपूर्ण और जनहितकारी हो।
