दिल्ली के विजय लांबा गैंग लुट कांड में गिरफ्तार, सराफ व्यापारी से लुट,लुट का सब सामान जप्त, आई जी ने किया खुलासा,आई जी रामगोपाल बोले सबके सहयोग से गिरफ्तारी, आई जी ने एस एस पी की तारीफ।

मुख्य बिन्दुः-

> राजकिशोर नगर में हुई लूट की घटना का हुआ पर्दाफाश।

> उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से 24 घंटे में पकड़े गए सभी आरोपिगण।

> कुल 5 आरोपियों की हुई गिरफ्तारी।

> लुटे गए जेवर, मशरुका एवं घटना में उपयोग किए गए फायर आर्म्स की बरामदगी।

 बिलासपुर के थाना सरकंडा क्षेत्रान्तर्गत राज किशोर नागर के रिहायसी क्षेत्र में दिनांक 17.02.2026 की रात्रि करीबन 9.15 बजे अज्ञात सशस्त्र अपराधियों द्वारा बसंत विहार चौक सरकंडा स्थित महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक से लूट की घटना घटित की गई संतोष तिवारी प्रतिदिन दुकान से पूरी ज्वेलरी एवं समान दुकान बंद कर अपने निवास राजकिशोर नगर ले आता था। प्रतिदिन की तरह घटना के दिन भी वह अपने दुकान को बंद करके सोने से निर्मित ज्वेलरी व सामान अपने रिनॉल्ट क्विड कार क० CG 10 AH 7701 में रखकर अपने घर राज किशोर नगर जा रहा था, कॉलोनी के पास अंधा मोड़ है, जहां एक एक ईको मारुति कार जो पहले से खड़ी थी, इस कार ने संतोष तिवारी की कार को जानबूझकर योजनाबद्ध रूप से ठोकर मार दिया। संतोष तिवारी के कार से बाहर उतरते ही मारुति ईको कार सवार अज्ञात लोग गाली गलौज करने लगे और अपने पास रखे पिस्टल को तानते हुए उसके बट एवं हथौड़ी से मारपीट कर सिर एवं शरीर के अन्य भागों में गंभीर चोट पहुंचा संतोष तिवारी चिल्लाते हुए अपने घर की ओर भागा, अज्ञात लोग मारपीट कर क्वीड कार में चार बड़े बैगों में रखे सोने के आभूषणों को जिसमें 2 किलो सोना, 200 ग्राम सोने के जेवर, 350 ग्राम कच्चा सोना, 100 ग्राम फाइन गोल्ड, व 3,50,000 रू. नगदी रकम को कार सहित लूटकर भाग गए कि प्रार्थी विवेक तिवारी पिता स्व. अक्षयवरनाथ तिवारी साकिन राजकिशोर नगर के रिपोर्ट पर थाना सरकंडा के अपराध क्रमांक 219/2026 धारा 126 (2), 109,309 (6), 311 बीएनएस व 25,27 आर्म्स एक्ट का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना के दौरान अपराध की जानकारी मिलते ही पुलिस महानिरीक्षक  रामगोपाल गर्ग, एवं Asp मधुलिका सिंह, पंकज पटेल, csp निमितेश सिंह मौके पर पहुंच गए। पुलिस महानिरीक्षक  गर्ग के द्वारा बिलासपुर और रेंज के सभी जिलों में नाकाबंदी करने के निर्देश दिए गए और पुलिस की अलग अलग टीम गठित कर तत्काल विवेचना और अपराधियों की पातासजी और जानकारी प्राप्त करने में लगाया गया। आरोपियों के संबंध में सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण, डॉग स्क्वॉड, फॉरेंसिक जांच, इलाको, बस्तियों होटल्स की सघन जांच तत्काल शुरू कराई गई। तलाश के दौरान घटना स्थल पर एक सफेद इको कार, पैशन प्रो मोटरसाइकिल, 10 नग जिंदा कारतूस और एक हथौड़ा प्राप्त हुआ। आरोपियों के द्वारा लूटी गई, प्रार्थी की रेनाल्ड क्विड कार, ग्राम उत्तम और परसही के मध्य लावारिस मिली, जिसमें से फिंगर प्रिंट भी एकत्र कर मिलान का कार्य प्रारंभ किया गया। मुखबिरों से प्राप्त सूचना के आधार पर जानकर मिली कि आरोपी संभवतः बिहार या उत्तर प्रदेश की तरफ भाग सकते हैं। इस पर उत्तर प्रदेश और पड़ोसी राज्यों के पुलिस अधिकारियों को घटना और आरोपियों के संबंध में वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा अवगत गया। पुलिस टीम को आरोपियों के

19 फरवरी 2026 को दोपहर 4:16 बजे

कार में, सोनभद्र होते हुए उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले तरफ निकलने की पुख्ता सूचना प्राप्त हुई। पुलिस की एक टीम तत्काल उत्तर प्रदेश की ओर रवाना की गई, और फोन के जरिए वरिष्ठ अधिकारी उत्तर प्रदेश पुलिस के संपर्क में बने रहे। बिलासपुर पुलिस से प्राप्ट सूचना के आधार पर मिर्जापुर जिले के अहरौरा थाने की पुलिस ने घेराबंदी करके 18.02.2026 की रात्रि में 02 आरोपियों विनोद उर्फ बीनू तथा करीम खान को 120 कार के साथ, तथा 2 अन्य आरोपियों विजय लांबा तथा मोनू उर्फ राहुल को जंगल में छुपे होने पर गिरफ्तार कर लिया, जहां थाना अहरौरा में आरोपीगण के विरुद्ध 02 अपराध क्रमांक 35/26, एवं 36/26 धारा 109,317 (2) bns एवं 3,25 आर्मस एक्ट के तहत दर्ज किया गया। आरोपियों से लूटे गए जेवरात एवं सामग्रियों को मिर्जापुर पुलिस के द्वारा जप्त कर रिकवर कर लिए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है, आरोपियों के पास से आग्नेय अस्त्र भी बरामद होने की जानकारी भी मिली है। बिलासपुर पुलिस की एक टीम मिर्जापुर पहुंच चुकी है, जो अग्रिम वैधानिक कानूनी कार्रवाई करेंगी। घटना में संलिप्त एक आरोपी इमरान जो स्कार्पियो गाड़ी के माध्यम से आरोपियों की रेकी और घटना करने में शामिल था, उसकी भी पहचान कर उसे गिरफ्तार कर, स्कार्पियों गाड़ी को जप्त कर लिया गया है। उल्लेखनीय है कि घटना का मास्टर माइंड विजय लांबा एक बेहद शातिर अंतर्राज्यीय अपराधी है, जिसके विरुद्ध विभिन्न राज्यों में 70 से भी अधिक आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आईजीपी रामगोपाल गर्ग के नेतृत्वऔर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के अवकाश पर रहते हुए भी, लगातार की गई मॉनिटरिंग के अधीन बिलासपुर पुलिस की टीम के इस गंभीर और दुस्साहिक वारदात को चुनौती की तरह लेकर अपराधियों की पहचान करने और उन्हें पकड़वाकर लूट के मशूरुका की बरामदगीं, उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से 24 घंटे के अंदर ही सफलता प्राप्त की है। आरोपी विजय लांबा के दिसंबर माह में हुई एक और घटना में भी शामिल होने की सूचना प्राप्त हुई है, जिसकी तस्दीक आरोपी से पूछताछ करके की जाएगी। देश के अन्य राज्यों में भी हुई ऐसी घटनाओं के संबंध में आरोपी के यहां लाने के बाद जानकरी लिए जाने का प्रयास किया जाएगा।

इस प्रकरण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर, श्रीमति मधुलिका सिंह, पंकज पटेल, अपुअ जांजगीर उमेश कश्यप, नपुअ निमेतेष सिंह, प्रशिक्षु आईपीएस अंषिका जैन, निरीक्षक प्रदीप आर्य, एससीसीयू के हेमंत आदित्य, निरी० विजय चौधरी, उप निरी० नारायण ठाकुर, बीएम बनाफर, सउनि शैलेन्द्र सिंह, प्रवीण लाल, प्रआर० राजेश्वर, प्रमोद सिंह, शोभित केवट, आर० महेश आनंद, टंकेश साहू, योगेष साहू, मिथलेष सोनी, विवेक चंदेल, सत्य कुमार पाटले, संजीव जागड़े, विवेक राय एवं जिलें के अन्य पुलिस अधिकारियों / कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

आरोपियों के नाम-

01. विजय लांबा पिता राम लाल साकिन ओम बिहार उत्तम नगर द्वारका उत्तरी

दिल्ली,

02. मोनू उर्फ राहुल उर्फ रोहित पिता स्व. सुन्दर साकिन सोरखा सेक्टर 113

कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर उत्तर प्रदेश

03. विनोद उर्फ बीनू प्रजापति पिता सुखलाल प्रजापति, निवासी दादाबाड़ी कोटा

राजस्थान

04. करीम खाम पिता वसीम खान, चकमहमूद, सकलेन नगर बरेली उत्तर प्रदेश 05. ईरफान अली पिता अकरम अली उम्र 32 वर्ष साकिन टिकरा पारा बिलासपुर

 

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