
बिलासपुर, 2 फ़रवरी 2026 – सर्व सवर्ण समाज, बिलासपुर ने जिसमें ब्राम्हण समाज ( कान्यकुब्ज ब्राम्हण छत्तीसगढी ब्राम्हण सरजू पारी ब्राम्हण )
अग्रवाल समाज सिंघी समाज गुजराती समाज क्षत्रीय समाज महाराष्ट्रियन समाज जैन समाज कायस्थ समाज के पदाधिकारीगण व भारी संख्या में सभी समाज के लोग विशेषकर महिला शक्ति ने एक बड़ी रैली देवकीनंदन चौक से कलेक्टर आफिस तक निकाली एवं कलेक्टर को राष्ट्रपति एव प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर यूजीसी समता के संवर्धन अधिनियम 2026 के खिलाफ अपना विरोध दर्ज किया। इस अधिनियम को सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के साथ भेदभाव करने वाला बताया जा रहा है।
*ज्ञापन की मांगें*
– *अधिनियम को वापस लिया जाए*: सर्व सवर्ण समाज ने यूजीसी समता के संवर्धन अधिनियम 2026 को तुरंत प्रभाव से वापस लेने की मांग की है।
– *उच्च शिक्षा में समानता*: समाज ने उच्च शिक्षा में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग की है।
*उच्च शिक्षा व्यवस्था पर सवाल*
सर्व सवर्ण समाज ने उच्च शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। समाज का कहना है कि इस अधिनियम से उच्च शिक्षा में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के साथ भेदभाव होगा और उनकी शिक्षा के अधिकार का हनन होगा।
*आंदोलन की चेतावनी*
सर्व सवर्ण समाज ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया, तो वे उग्र आंदोलन करेंगे। समाज ने सभी वर्गों से एकजुट होकर इस अधिनियम के खिलाफ आवाज उठाने का आह्वान किया है।
*निष्कर्ष*
सर्व सवर्ण समाज, बिलासपुर का यह विरोध प्रदर्शन यूजीसी समता के संवर्धन अधिनियम 2026 के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक है। समाज अपनी मांगों को लेकर गंभीर है और इसके लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।
