
सारंगढ़–बिलाईगढ़। गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान तिरंगा फहराते समय सांसद राधेश्याम राठिया के जूते पहने होने का मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है। राष्ट्रीय ध्वज संहिता के अनुसार तिरंगे के प्रति सम्मान और मर्यादा सर्वोपरि मानी जाती है। ऐसे में सार्वजनिक मंच पर ध्वजारोहण के दौरान जूते पहनना कई लोगों को अनुचित प्रतीत हुआ।समारोह में उपस्थित नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इसे प्रोटोकॉल की अनदेखी बताते हुए सवाल खड़े किए हैं।जानकारों का कहना है कि ध्वजारोहण केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं बल्कि देश की अस्मिता और बलिदान से जुड़ा प्रतीकात्मक क्षण होता है। इस अवसर पर छोटी सी लापरवाही भी जनभावनाओं को आहत कर सकती है। कार्यक्रम के बाद सोशल मीडिया पर भी तस्वीरें वायरल हुईं, जहां लोगों ने सांसद से स्पष्टीकरण और भविष्य में सावधानी बरतने की मांग की। कहा जा रहा है कि यह जानबूझकर किया गया कृत्य नहीं बल्कि असावधानी हो सकती है। बावजूद इसके जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे हर मंच पर नियमों और परंपराओं का पालन करें। प्रशासनिक अमले की भी जिम्मेदारी बनती है कि ऐसे आयोजनों में प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा बनी रहे।
