बिलासपुर- नेतागिरी भी बुरी चीज है। छपास के चलते नेता किसी मामले की गंभीरता भी नही समझते । कांग्रेस प्रवक्ता अभयनारायन राय के इलाके के लोग कलेक्ट्रेट और आई जी ऑफिस पहुंच गए ज्ञापन दिया और चले गए। कोरोना कानून और भूपेश सरकार के खिलाफ कांग्रेस के नेता सड़क पर भीड़ लेकर निकल गए न मास्क न सेनेटाइजर न दो गज की दूरी सब धरी रह गई ,अपनी नेतागिरी चमकाने के लिए सैकड़ो लोगो की जान जोखिम में डाल दी। संवेदनशील मामले को और संवेदनशील बना दिया ।अगर कल को कोई कोरोना पॉजिटिव आया तो फिर यही लोग सरकार को कोसेंगे। कांग्रेसी अपनी ही सरकार की फजीहत कर रहे है।कोई दुकान खाली करके कांग्रेस की छवि खराब कर रहा है।कोई सड़क पर गाली गलौच कर रहा है, कांग्रेसी एक दूसरे को निपटाने में लगे है।अब सरकारी प्रतिबंध के बावजूद कांग्रेस का एक जिम्मेदार ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रैली लेकर अपनी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करवाता है।और ये सब जिला अध्यक्ष और प्रदेश कांग्रेस केबड़े पदाधिकारी सरकार की फजीहत होतेदेख रहे है। पीसीसी अध्यक्ष मोहन मरकाम बिना काम के बेमिसाल दो साल हो गए ,जब कुछ करोगे ही नही तो बेमिसाल रहेगा है। कांग्रेस के भले के लिए अगर कोई सोचने वाला हो तो इस पर ध्यान दे अन्यथा जनता के सामने इनकी छवि तो खराब हो ही रही है।

खास बात रैली लेकर निकले ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पुलिस की कार्यवाई से संतुष्ट है ,तो फिर रैली क्यो तो जवाब आया सही अपराधी को पकड़ने के लिए, क्योंकि सही अपराधी बाहर है।
