
बिलासपुर, नगर निगम में सभापति को पार्षद प्रोटोकॉल सिखा रहा है ये वही पार्षद है जो डिप्टी सीएम पर पैसा नहीं देने का आरोप लगाया था आज कल विजय ताम्रकार और विधानी दोनों राजनीतिक गर्मी की धूप सेक रहे है, हालांकि इसके केवल राजनीत नहीं धंधे पानी का भी हिसाब किताब होने की चर्चा है , विजय ताम्रकार ने सभापति को प्रोटोकॉल बता कर अपनी हद में रहने का चेतवानी दी है , इस बात की जमकर चर्चा है कि विधायक अमर अग्रवाल के रहते विजय विधानी के इशारे पर सीनियर सभापति का अपमान कर रहे है इसके लोगो धंधेरपानी का कनेक्शन बता रहे है , लेकिन धंधे पानी के लिए दोनों पार्टी की छवि खराब कर रहे है , आखिरकार नगर विधायक को पूछना पड़ा कि क्यों विवाद हो रहा है, नगर निगम में महापौर के कक्ष में दो कुर्सी लगती है ऐसे में तो पूरे प्रदेश में मंत्री अधिकारी सभी के कक्ष में दो कुर्सी लगानी चाहिए किसी की पत्नी, किसी के पति मंत्री अधिकारी है सब के कक्ष में दो कुर्सी लगानी चाहिए, विधायक अमर अग्रवाल तीन बार मंत्री रहते कभी सरकारी बंगला नहीं लिया लेकिन नई मेयर ने अमर अग्रवाल से ऊपर जाकर सरकारी बंगला एलॉट करा लिया अब यही पार्टी की छवि खराब करने का काम हों रहा है , संगठन को ऐसे पदाधिकारी को हटाना चाहिए, क्योंकि की ये पार्टी के कार्यकर्ता कम व्यापारी ज्यादा हो गए , नगर निगम पार्षदों की और विधानी की कार्यशैली से पार्टी की छवि खराब हो रही है पैसा कमाने के फेर में एक दूसरे को निपटाने में लगे है, झगड़ा धंधे पानी का है लोग कह रहे है पार्टी के लोगो का भी कहना है विधानी के कारण विजय ने सभापति को उसकी हद बताई है , ये पार्षद कही न कही विधायक को अपनी पैसे की ताकत दिखा रहे है।
