
विलासपुर बिना सोचे समझे सरकारी पैसा अधिकारियों ने गड्ढे में डाल दिया,जिले के सबसे बड़े गौ अभ्यारण में जनपद कोटा ने चालीस लाख खर्च कर दिए एक हैंडपैप है जो लकड़ी के डंडे से चलता है गाय एक भी नहीं है बेरीकेट टूट गए , हैंडपंप टूट गए चालीस बोर की बात होती है लेकिन एक मात्र टूटा हुआ हैंडपैप चलता है, जिसे लकड़ी का हैंडल लगा कर चलाते है , मनरेगा से काम हुआ कोटा जनपद ने कोई मोनिटरिंग नहीं की सरकार के पैसे को बर्बाद कर दिया। एक गाय रहती चालीस लाख खर्च कर दिए , रामभक्तों की सरकार में। गौ माता के अभ्यारण में भी खानेपीने की जगह बना ली बिना मुंह के पशुओं का हक कोटा जनपद ने मार लिया,और जिला पंचायत सीईओ ने भी मौन रह कर समर्थन दे दिया गौ माता के चारागाह में बिना प्लानिंग पैसा खाने के लिए योजना बनाई गई , चालीस लाख डकार गए , पशु विभाग भी इस मौन है, अब कलेक्टर ही इस मामले में कोई करे तो गौ माता को रहता मिल जाए , निगेटिव न दिखे इस पर प्रशासन का जोर है लेकिन अधिकारी पॉजिटिव करने को तैयार नहीं दिख रहे, है। जिला गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष धीरेन्द्र दुबे ने मामले में अव्यवस्था की जानकारी जिला पंचायत को कलेक्टर को दी है, अब गौ माता के लिए कुछ करने की बारी प्रशासन की है।
